चैती छठ. घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब, विभिन्न नदी घाटों व सरोवरों पर चैत्र छठ को लेकर दिखा उत्साह
छपरा (नगर) : लोक आस्था को समर्पित चैत्र छठ पूजा के सांध्यकालीन अर्घ दान को लेकर शहर के विभिन्न नदी घाटों तथा सरोवरों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. माथे पर प्रसाद का दउरा, छठ घाटों पर बज रहे भक्तिमय गीत, व्रतियों की तपस्या और लोगों के उत्साह का एक अद्भुत नजारा देखने को मिला. शाम तीन बजे से ही छठ व्रती अपने परिजनों के साथ छठ घाट पर पहुंचने लगे. शाम पांच बजे सूर्यास्त का समय होते ही भक्तिभाव से सांध्यकालीन अर्घदान विभिन्न घाटों पर शांतिपूर्वक संपन्न हुआ.
चैत्र छठ को लेकर लोगों में दिखा उत्साह : वैसे तो कार्तिक मास में होने वाले छठ महापर्व को लेकर ज्यादा उत्साह देखा जाता है, पर इस बार चैत्र छठ में भी कार्तिक छठ के जैसा ही माहौल देखने को मिला. शहर के सीढ़ी घाट, दहियांवा घाट, सोनारपट्टी घाट, नेवाजी टोला घाट, नवीगंज घाट समेत सभी नदी घाटों पर व्रतियों के साथ-साथ अन्य लोगों की भीड़ भी देखने को मिली. सीढ़ी घाट और दहियांवा घाट छठ पूजा समिति द्वारा नदी घाट को विशेष रूप से सजाया गया है
और जहां पानी की कमी है, वहां जेसीबी के एक नये घाट का निर्माण कराया गया है.
सरोवरों पर भी रही भीड़ : लोक आस्था के इस महापर्व को लेकर शहर के विभिन्न सरोवरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली. स्थानीय राजेंद्र सरोवर में छठ व्रतियों के लिए विशेष इंतजाम किये गये हैं. घाट पर आकर्षक लाइटिंग की गयी है तथा तालाब में जाकर अर्घ दान करने के लिए अच्छी व्यवस्था की गयी है.
लोगों ने पटाखों से बनायी दूरी : इस बार छठ पूजा के दौरान पटाखों का शोर-शराबा नहीं दिखा. बच्चों और बड़ों ने इस बार प्रदूषण मुक्त छठ मनाने में पूर्ण सहयोग किया. छठ पूजा को लेकर विभिन्न घाटों पर सुरक्षा के भी इंतजाम देखने को मिले. वहीं जिला प्रशासन द्वारा भी विषम परिस्थिति से निबटने के लिए दोनों समय के अर्घ दान तक के लिए गोताखोरों को तैनात किया गया है साथ ही विभिन्न घाटों पर पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगायी गयी है.
सुख- समृद्धि व खुशहाली की कामना की : छपरा . सूर्योपासना के चार दिवसीय अनुष्ठान के तीसरे दिन रविवार को प्रखंड के विभिन्न गंगा घाटों व जलाशयों में व्रतधारियों ने आस्था भाव के साथ अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ दिया और सुख- समृद्धि व खुशहाली की कामना की. दिघवारा नगर क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने राईपट्टी, शंकरपुर रोड, बसंतपुर, सैदपुर आदि घाटों पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ दिया. हालांकि गंगा तट की दूरी लगभग चार किमी होने व रास्ते में धूल होने के कारण व्रतियों समेत अन्य लोगों को घाट तक जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
यदुनंदन कॉलेज परिसर में भी हजारों श्रद्धालुओं ने अर्घ अर्पित किया. इसके अलावा पिपरा, मलखाचक, मानुपुर, आमी, इशुपुर, बोधाछपरा आदि गंगा घाटों पर छठ को लेकर काफी भीड़ देखी गयी और हर जगह लोगों ने अपने परिजनों के साथ अर्घ अर्पित कर अपनी मन्नतों के पूर्ण होने की कामना की. कई जगहों पर कृत्रिम जलाशयों के बीच लोगों ने अर्घ अर्पित कर भगवान भास्कर की उपासना की. दिघवारा के गंगा घाटों पर पुरुष व महिला पुलिस जवानों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा में सक्रिय देखे गये.
एकमा संवाददाता के अनुसार क्षेत्र में आस्था पर्व छठ पूजा के दौरान छठ व्रतियों में काफी उत्साह देखने को मिला. क्षेत्र के विभिन्न गांव व टोले में छठ व्रतियों ने शांति और सद्भाव से भगवान भास्कर को पहला अर्घ अर्पित किया. मौके पर राजपुर, ऐंकारी, हंसराजपुर, भरहोपुर, भुइली, मठनपुरा, नरहनी आदि छठ घाटों पर व्रतियों ने पूजा-अर्चना की. लोगों का कहना था कि नगर पंचायत के किसी भी छठ घाट व सड़क का साफ-सफाई नहीं की गयी, जिसको लेकर स्थानीय लोगों में नगर पंचायत के प्रशासन के प्रति विरोध प्रकट किया.
पानापुर संवाददाता के अनुसार चार दिवसीय छठ व्रत अनुष्ठान के तीसरे दिन रविवार की शाम छठ व्रतियों ने अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ दिया. गंडक नदी के किनारे स्थित प्रखंड के कोंध मथुरा धाम, रामपुररुद्र, सारंगपुर डाक बंगला, बसहिया, पृथ्वीपुर आदि घाटों के अलावा बकवा, रसौली, धेनुकी आदि गांवों में स्थित जलाशयों पर छठ व्रतियों ने भगवान भास्कर को अर्घ प्रदान किया.
बनियापुर संवाददाता के अनुसार अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ देने को लेकर व्रतियों में सुबह से काफी उत्साह दिखा. पूजा की तैयारी एवं प्रसाद बनाने को लेकर व्रतियों के परिवार के महिला सदस्य भी सुबह में ही स्नान-ध्यान कर शुद्धता और पवित्रता के साथ प्रसाद बनाने को लेकर पूरे मनोयोग के साथ दोपहर तक जुटी रहीं. दोपहर बाद घाटों पर पहुंचने के लिए प्रसाद एवं अन्य पूजन सामग्री को व्यवस्थित कर बांस के बने दौरा में सजाया गया. इधर, पुरुष वर्ग भी घाटों की साफ-सफाई, सजावट और लाइट, साउंड की व्यवस्था करने में जुटा रहा.
सोनपुर संवाददाता के अनुसार पावन नारायणी नदी के जल से अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को प्रथम अर्घ अर्पित किआ. यही दृश्य पहलेजाघाट धाम के दक्षिण वाहिनी गंगा तट पर उभर रहा था. हालांकि छठ का यह महापर्व कार्तिक की अपेक्षा चैत्र माह में काफी कम संख्या में श्रद्धालु करते हैं. इधर, यहां के रजिस्ट्री बाजार, स्टेशन गेट तथा गोला बाजार मे छठ से संबंधित पूजन सामग्री की अनेकों अस्थायी दुकानें लगी हुई थीं.
मांझी संवाददाता के अनुसार मांझी के राम घाट पर पहले अर्घ के मौके पर छठ व्रतियों की भारी भीड़ उमड़ी. श्रद्धापूर्वक सरयू नदी में अर्घ दिया. पूजा समिति द्वारा साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था की गयी थी. घाट पर सीओ सिद्धनाथ सिंह, बीडीओ सूरज कुमार सिंह, थानाध्यक्ष प्रभाकर पाठक, ब्रज भूषण सिंह, लोजपा नेता केशव सिंह, गोपाल शर्मा, मोती यादव व्यवस्था में जुटे थे. मांझी रेल पुल में सेल्फी लेने वाले युवकों को पुलिस ने पीटा. उधर, घाट पर दुकान लगाने के विवाद में दुकानदार आपस में भिड़ गये.रामघाट के अलावा ताजपुर, डूमाईगढ़ घाट, डुमरी बैरिया घाट, बहोरन सिंह के टोला, दुर्गापुर मझनपुरा आदि घाटों पर भी भीड़ उमड़ी.
सोनपुर से मांझी तक गंगा व सरयू के तट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
सैंड आर्ट के माध्यम से नदी घाटों की स्वच्छता का दिया संदेश
छपरा के जानेमाने सैंड आर्टिस्ट अशोक कुमार ने शहर के सीढ़ी घाट पर भगवान शंकर की जटाओं से निकल रही गंगा की अविरल धारा और भगवान भास्कर का एक आकर्षक सैंड आर्ट बनाया. इस आर्ट के माध्यम से उन्होंने नदी घाटों में बढ़ रही गंदगी को कम करने के प्रति लोगों को जागरूक किया. सैंड आर्ट के माध्यम से यह दरसाने का प्रयास किया गया कि कैसे लोगों की जरूरत के लिए गंगा का आह्वान किया गया था और अब लोग उसी गंगा को मैली कर रहे हैं, जिससे त्रस्त होकर स्वयं गंगा ही अपनी सुरक्षा की गुहार लगा रही हैं.
