हड़ताल . आंगनबाड़ी केंद्रों पर दूसरे दिन भी लटका रहा ताला
छपरा : जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों की सेविका सहायिका दूसरे दिन शनिवार को भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रही. आंगनबाड़ी केंद्रों में ताला लटका रहा. पठन-पाठन बाधित रहा. नियमित टीकाकरण करने के लिए पहुंचे चिकित्सा कर्मचारियों को बैरंग वापस लौटने को मजबूर होना पड़ा. बिहार राज्य आंगनबाड़ी सेविका कर्मचारी यूनियन के जिला अध्यक्ष ललिता सिंह ने कहा कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में ताला बंद है. उन्होंने कहा कि 26 मार्च तक ताला बंदी रहेगा. 27 से 31 मार्च तक सभी सीडीपीओ कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया जायेगा.
3 से 7 अप्रैल तक नगर पालिका चौक पर धरना प्रदर्शन किया जायेगा जिसमें प्रदेश अध्यक्ष चंद्रावती देवी समेत संगठन के कई नेता भाग लेंगे. 10 अप्रैल से जेल भरो आंदोलन चलाया जायेगा. अमनौर संवाददाता के अनुसार प्रखंड के सभी आंगनबाड़ी सेविका सहायिका ने एक बैठक कर संघ द्वारा अनिश्चित कालीन हड़ताल के फैसले में मजबूती प्रदान करने का निर्णय लिया. वहीं मांगें नहीं मानी गयी, तो 3 अप्रैल को प्रखंड मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन करने की बात कही.
बैठक में मुख्य रूप से अनामिका कुमारी, कौशल्या देवी, पूनम देवी, रंजू सिंह, विनिता देवी, ममता देवी, शारदा देवी, गीता देवी, रेणु कुमारी, विभा देवी, मंजू देवी, ममता देवी सहित दो सौ से अधिक सेविका सहायिका मौजूद थीं. दाउदपुर संवाददाता के अनुसार मांझी प्रखंड क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्रों पर पूर्णः बंद का असर दिखा. मालूम हो कि सभी सेविका-सहायिकाओं ने सरकार से अपनी सोलह सूत्री मांगो को लेकर 24 मार्च से अनिश्चितकालीन बंद का आह्वावन किया है. जिसका असर शनिवार को क्षेत्र के सभी केंद्रों पर देखा गया.
बताया जाता है कि आंगनबाड़ी संस्था में ताला लटकने से पोषक क्षेत्र के बच्चों का पठन-पठान ठप है. वही केंद्रों से संचालित होने वाले टीकाकरण, मृत्यु -जन्म प्रमाण सहित कई लाभों से मांझी प्रखंड क्षेत्रों के 253 केंद्र प्रभावित है, जिसमें सेविका 252,सहायिका 221 कार्यरत है. जिसके अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने के कारण केंद्र पर सन्नाटा पसरा है.
