असमंजस शिक्षक डीएम के आदेश को माने या डीइओ के
छपरा (सदर) : इन दिनों जिले के कम से कम चार सौ शिक्षक पसोपश में है. इसकी वजह है जिले में 28 फरवरी को उप चुनाव तथा एक मार्च से मैट्रिक 2017 की परीक्षा का शुभारंभ. ऐसी स्थिति में डीएम सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी के पत्र के आलोक में कम से कम 400 शिक्षकों ने 26 फरवरी को विभिन्न प्रखंडों में जाकर 148 बूथों पर 28 फरवरी को चुनाव कराने के लिए योगदान दिया है.
वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी अजीत कुमार सिंह ने ऐसे शिक्षकों को पत्र भेज कर हर हाल में 28 फरवरी को रेंडमाइजेशन के माध्यम से निर्गत पत्र के आलोक में विभिन्न केंद्रों पर योगदान देने का निर्देश दिया है. अब सवाल यह उठता है कि ऐसे शिक्षक 28 फरवरी को विभिन्न मतदान केंद्रों पर उप चुनाव के लिए मतदान करायेंगे या उस दिन 10 बजे पूर्वाह्न में आवंटित परीक्षा केंद्र परीक्षा ड्यूटी के लिए योगदान करेंगे. यदि चुनाव ड्यूटी नकारते है तो आयोग व डीएम के आदेश का उल्लंघन होगा तथा मैट्रिक बोर्ड परीक्षा के लिए 28 फरवरी को संबंधित केंद्र पर योगदान नहीं करते है तो डीइओ के आदेश का उल्लंघन होगा.
आखिर ऐसी शिक्षक डीएम के आदेश को माने या डीइओ के आदेश को. डीएम के आदेशानुसार सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक चुनाव ड्यूटी करना है. ऐसी स्थिति में ये शिक्षक चाहकर भी 28 फरवरी को संबंधित केंद्रों पर परीक्षा ड्यूटी के लिए योगदान नहीं कर पायेंगे. निश्चित तौर पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में ताल मेल के अभाव में ही एक ही दिन पर लगभग चार सौ शिक्षको को दो-दो स्थान पर दायित्व का निर्देश दिया गया है, जिससे शिक्षक पेशोपश में है. शिक्षक इस निर्णय से दुविधा में है.
जिले में 28 फरवरी को पंचायत उपचुनाव होना है
एक ही शिक्षक को ड्यूटी के लिए दो अलग-अलग पत्र निर्गत
मैट्रिक बोर्ड परीक्षा के लिए 28 फरवरी को केंद्र पर योगदान करना है
भिन्न प्रखंडों में जाकर 148 बूथों पर चुनाव
क्या कहते है डीइओ
जिन शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी के तहत 28 फरवरी को चुनाव कराने की जिम्मेवारी मिली है तथा उन्हीं शिक्षकों को मैट्रिक बोर्ड परीक्षा में वीक्षक के लिए पत्र निर्गत हुआ है. जिन्हें 28 फरवरी को ही योगदान का निर्देश है निश्चित तौर पर ताल मेल के अभाव में इस प्रकार पत्र निर्गत हुआ है. एक ही तिथि को चुनाव तथा परीक्षा ड्यूटी की में शीघ्र ही निर्णय लिया जायेगा.
अजीत कुमार सिंह, डीइओ, सारण
