छपरा(सारण) : संपत्ति कर के दायरे से बाहर मकान मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की योजना शहरी निकायों ने बनाना शुरू कर दिया है. नगर निगम और नगर पंचायतों ने वैसे मकान मालिकों को होल्डिंग नंबर लेने को कहा है, जो नगर निगम और नगर पंचायतों से छिपा कर संपत्ति कर की चोरी कर रहे हैं.
नगर पालिका एक्ट के मुताबिक संपत्ति कर चोरी करने वालों पर जुर्माने का प्रावधान है. जिले के सात शहरों में ऐसे भी भवन व मकान हैं जिनके मालिक बदल गये लेकिन दाखिल खारिज नहीं बदला है. ऐसे भवनों से टैक्स वसूली प्रभावित हो रही है. नगर पर्षद शहर में चली आ रही पूर्व की संस्कृति को बदलने की योजना बना रही है. नगर निकाय की माने तो टैक्स चोरी एवं बकाया टैक्स वसूली के लिए बड़े फैसले लिए जायेंगे. योजनाबद्ध तरीके कार्रवाई की जायेगी. छपरा नगर निगम समेत सोनपुर, मढ़ौरा, दिघवारा, रिविलगंज, परसा बाजार, एकमा बाजार नगर पंचायत में इसकी तैयारी की गयी है.
दर्जनों भवन संपत्ति कर के दायरे से हैं बाहर : शहरों की आबादी बढ़ती जा रही है. भवन एवं मकानों की संख्या भी बढ रही है. बढ़ती शहरी आबादी के मुताबिक नगर निकायों को संपत्ति कर नहीं मिल रहा है. शहर में ऐसे भी भवन व मकान हैं जो सालों से संपत्ति कर के दायरे से बाहर है. टैक्स की चोरी की जा रही है. दाखिल खारिज नहीं होने के कारण भी होडिंग टैक्स वसूली नगर पर्षद के लिए बाधक बनी हुई है. पूर्वजों के नाम से दाखिल खारिज में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
जुर्माने का है प्रावधान : संपत्ति कर के दायरे में बाहर रहने पर नगर परिषद एक्ट में जुर्माने का प्रावधान बनाया गया है. संपत्ति कर चोरी करने वालों में आवासीय के लिए दो हजार एवं व्यावसायिक भवनों पर पांच हजार रुपये का जुर्माना वसूली का प्रावधान है. जुर्माने के अलावा कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.
