छपरा (सदर) : मंडल कारा छपरा में रह कर अपनी दबंगई दिखाने, शहर के व्यवसायियों से रंगदारी मांगने, अापराधिक घटनाओं को अंजाम देने व गत बुधवार को वार्ड में जांच करने के लिए गये जेल कर्मियों की टीम पर हमला करने वाले दो बंदियों को मंडल कारा छपरा से केंद्रीय कारा भागलपुर भेज दिया गया. दोनों बंदी अरुण साह उर्फ अरुण गुप्ता तथा नन्हकी सिंह को विशेष सुरक्षा दल के साथ विशेष वाहन से भेजा गया. मंडल काराधीक्षक सुभाष प्रसाद के अनुसार कारा विभाग के निर्देश के आलोक में ही दोनों बंदियों को भागलपुर भेजा गया है.
अरुण को केंद्रीय कारा भागलपुर भेजा गया
छपरा (सदर) : मंडल कारा छपरा में रह कर अपनी दबंगई दिखाने, शहर के व्यवसायियों से रंगदारी मांगने, अापराधिक घटनाओं को अंजाम देने व गत बुधवार को वार्ड में जांच करने के लिए गये जेल कर्मियों की टीम पर हमला करने वाले दो बंदियों को मंडल कारा छपरा से केंद्रीय कारा भागलपुर भेज दिया गया. […]

मालूम हो कि दोनों बंदियों को भागलपुर केंद्रीय कारा में भेजे जाने बाद अरुण तथा निकेश के समर्थक कुछ बंदियों के मंसूबों में निश्चित तौर पर कमी आने की सूचना है. हालांकि कारा प्रशासन के लिए सिरदर्द बने अरुण साह को राजस्थान के गौसा जिला कोर्ट में भी अपहरण का मामला चल रहा है जिसमें न्यायालय से उसको गौसा कोर्ट में भी प्रस्तुत करने का आदेश है. प्रशासन के कड़े रूख के बाद निश्चित तौर पर कारा में बंद दबंग बंदियों की कारगुजारी पर लगाम लगा है.
परंतु, कारा के भीतर जेल के पदाधिकारियों व कर्मियों की भारी कमी तथा कुछ राजनीतिक पहुंच वाले दबंग बंदियों की कारगुजारियां तथा बुनियादी सुविधाओं यथा विशेष सेल का नहीं होना भी कारा प्रशासन के लिए मुश्किल हो रहा है. उधर बुधवार को मंडल कारा छपरा में जेलकर्मियों पर हमले तथा तीन को जख्मी करने के मामले में पुलिस अपनी जांच की कार्रवाई जहां कर रही है. वहीं कुछ अन्य सजायफ्ता व दबंग बंदियों को दूसरे काराओं में भेजने की भी प्रशासनिक हलके में चर्चाएं में है.
सरकार से अनुमति मिलने के बाद भेजे गये दोनों बंदी
अन्य बंदियों को भी दूसरी काराओं में भेजने की रणनीति हो रही तैयार