छपरा (सदर) : बिहार के महालेखाकार (एजी) ने सारण जिले से वित्तीय वर्ष 12-13 से लेकर 15-16 तक आपदा प्रबंधन मद में भेजे गये उपयोगिता प्रमाणपत्र को त्रुटिपूर्ण मानते हुए निराकरण हेतु लौटा दिया है. साथ ही एक सप्ताह में लगभग 70 करोड़ रुपये आपदा के विभिन्न मदों में मिली राशि के उपयोगिता प्रमाणपत्र का ब्योरा त्रुटि सुधार कर देने को कहा है.
महालेखाकार के इस पत्र के आलोक में डीएम दीपक आनंद ने छपरा नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी, नजारत उपसमाहर्ता तथा सभी अंचलकों के सीओ को पत्र भेजकर अपने-अपने कार्यालय के नाजिर-प्रधान सहायक को आवश्यक कागजात के साथ जिला आपदा प्रबंधन शाखा में प्रतिनियुक्त करने का निर्देश दिया है, जिससे उपयोगिता प्रमाण पत्र से संबंधित त्रुटियों का निराकरण कर हर हाल में छह फरवरी तक राज्य मुख्यालय को भेजा जा सके. उपयोगिता प्रमाणपत्र की जांच के बाद राशि का समायोजन नहीं होने के कारण कोषागार से संबंधित मदों की लंबित राशि की भी निकासी नहीं हो पा रही है.
हालांकि दो वर्ष पूर्व ही 2012-13 से 14-15 तक के उपयोगिता प्रमाणपत्र जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय द्वारा भेजा गया था. परंतु, दो साल बाद लौटाये जाने के कारण संबंधित कार्यालयों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को पुन: उन त्रुटियों का समाधान करने निश्चित तौर पर परेशानी होगी.
