छपरा (नगर) : जिले में एक बार फिर ठंड और शीतलहर ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. कड़ाके की ठंड से जनजीवन काफी प्रभावित हो रहा है. सोमवार को तापमान में आयी अचानक से गिरावट ने लोगों को फिर से घरों में दुबकने को मजबूर कर दिया. स्कूली बच्चे ठंड में ठिठुरते हुए अपने-अपने स्कूल जाते हुए देखे गये वहीं सड़कों एवं बाजारों में भी अधिकतर समय सन्नाटा पसरा रहा.
सर्द हवाओं ने बढ़ायी कनकनी, जनजीवन प्रभावित
छपरा (नगर) : जिले में एक बार फिर ठंड और शीतलहर ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. कड़ाके की ठंड से जनजीवन काफी प्रभावित हो रहा है. सोमवार को तापमान में आयी अचानक से गिरावट ने लोगों को फिर से घरों में दुबकने को मजबूर कर दिया. स्कूली बच्चे ठंड में ठिठुरते हुए […]

दिन भर अलाव तापते रहे लोग : ठंड का असर अचानक से इतना बढ़ गया कि लोग सुबह से ही अलाव तापते रहे. शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर छोटे-छोटे दुकानदार भीषण शीतलहरी के बीच अलाव जला कर ठंड से राहत पाने की कोशिश करते रहे. वहीं अधिकतर चाय दुकानों पर भी सुबह से ही लोगों की काफी भीड़ देखी गयी. लोग चाय की चुस्कियों के साथ चूल्हे की आग पर हाथ सेंकते रहे. सबसे ज्यादा तकलीफ घर के बुजुर्गों को हुई. दिन भर धूप नहीं निकलने से बुजुर्ग व बच्चे घरों में ही दुबके रहे.
स्कूली बच्चों की बढ़ी मुश्किलें : पिछले कुछ दिन से मौसम काफी खुशनुमा हो रहा था और आसमान में अच्छी धूप भी खिल रही थी,पर सोमवार को तापमान में आयी गिरावट से स्कूल जाने वालों बच्चों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. हालांकि अधिकतर स्कूल का समय 9 बजे से है पर सुबह के 11 बजे तक मौसम काफी सर्द रहा जिस वजह से बच्चों को बहुत परेशानी हुई. वहीं ठंड के कारण लोगों को निश्चित समय पर अपने-अपने कार्यालय जाने में भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा.
बाजारों में पसरा सन्नाटा : शीतलहर के लौट जाने से बाजरों में भी अधिकतर समय सन्नाटा पसरा रहा. दुकाने काफी देर से खूलने से चहल-पहल काफी कम रही वहीं लगन के लिए खरीदारी करने सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ग्राहकों की कमी से बाजारों की रौनक पर काफी असर पड़ा. ठंड के बढ़ जाने से सड़कों पर भी काफी कम चहल-पहल रही. चुकी हवा भी काफी तेजी से बह रही थी जिस कारण भी लोग बिना किसी आवश्यक कार्य के घरों से निकलना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि वसंत पंचमी के बाद ही ठंड में कमी आयेगी.