अपराध. मामला साइकिल व्यवसायी शिवजी प्रसाद की हत्या का
छपरा (सारण) : मांझी स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक से बरामद शिवजी प्रसाद के शव की घटना घटना हत्या है या दुर्घटना? इस बिंदु पर रेलवे पुलिस जांच कर रही है. 26 जनवरी 2017 से शिवजी प्रसाद घर से गायब थे. शनिवार की सुबह अचानक उनका शव रेलवे ट्रैक पर मिला. इसके पहले दो लोगों ने शिवजी प्रसाद को हत्या करने की धमकी दी थी. महत्वपूर्ण बात यह है कि एक पत्र शिवजी प्रसाद की जेब से पुलिस ने बरामद की है, जिसमें हत्या की धमकी देने वालों के नामों की चर्चा है. रेलवे पुलिस पत्र की असलियत की भी जांच कर रही है.
कर्ज की लेन-देन से जुड़ा है विवाद : शिवजी प्रसाद की हत्या का विवाद कर्ज की लेन-देन से जुड़े होने की आशंका जतायी जा रही है. शिवजी के भाई कन्हैया प्रसाद ने बताया कि साइकिल व्यवसायी ने कुछ लोगों से कर्ज लिया था जिसके लिए कर्ज देने वाले लोग धमकी दे रहे थे. इसी बीच 26 जनवरी को वह गायब हो गये और 28 जनवरी की सुबह में उनका शव बरामद हुआ. हत्या कर साक्ष्य छुपाने के लिए रेलवे ट्रैक सुरक्षित ठिकाना बनाता जा रहा है जिससे पुलिस के लिए भी मुश्किलें बढ़ती जा रही है. शनिवार की सुबह छपरा-बलिया रेलखंड पर मांझी स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक से एक अधेड़ व्यक्ति का शव बरामद किया गया.
परिजनों के अनुसार उसकी हत्या कर शव को रेलवे ट्रैक पर फेंका गया था. इस घटना के पहले पिछले वर्ष छपरा कचहरी और छपरा ग्रामीण जंकशन के मध्य भी अमनौर के एक युवक की हत्या कर शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया था. एक दशक के अंदर जिले के कई स्थानों पर हत्या कर शव को रेलवे ट्रैक पर फेंकने की घटनाएं होते रही है. हत्या की घटना को रेल दुर्घटना का रूप देने और साक्ष्य मिटाने के लिए ऐसा किये जाने की बातें सामने आयी है.
इसको लेकर रेलवे पुलिस चिंतित है.
अमनौर के युवक की हत्या कर ट्रैक पर फेंका था शव
छपरा कचहरी-छपरा ग्रामीण जंकशन के बीच मई 2016 में भी अमनौर के एक युवक की हत्या कर शव को छपरा कचहरी-छपरा ग्रामीण जंकशन के बीच मई 2016 में भी अमनौर के एक युवक की हत्या कर शव को रेलवे ट्रैक पर फेंका गया था. धीरज कुमार नामक युवक की हत्या अमनौर में की गयी और दिन दहाड़े शव को रेलवे ट्रैक पर लाकर फेंक दिया गया. इसका खुलासा अनुसंधान के दौरान राजकीय रेलवे पुलिस ने की. पहले तो धीरज कुमार की ट्रेन से कट कर मौत होने की प्राथमिकी दर्ज हुई, लेकिन अनुसंधान में हत्या की पुष्टि हुई जिसके बाद रेल थाने से हत्या की केस को अमनौर थाने में स्थानांतरित कर दिया गया.
क्या कहते हैं थानाध्यक्ष
शिवजी प्रसाद की हत्या हुई है या दुर्घटना में मौत हुई है. यह जांच का विषय है. परिजनों ने हत्या की नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी है. सभी बिंदुओं पर गहराई से छान-बीन की जा रही है.
शिवशंकर सिंह, प्रभारी थानाध्यक्ष, राजकीय रेल थाना, छपरा जंकशन
