अभियान. शहर में निकली विशाल पदयात्रा, हर वर्ग के लोगों ने दिखायी एकजुटता
स्कूली बच्चों में रहा सबसे ज्यादा उत्साह, शराबबंदी के नारों से गूंज उठा छपरा
नशामुक्त समाज बनाने के लिए जन-जन ने लिया संकल्प
परिवर्तन के संकल्प के साथ मानव शृंखला का हुआ आयोजन
9 लाख 13 हजार से अधिक लोगों ने मानव शृंखला में लिया भाग
छपरा (नगर) : मन में संकल्प और बदलाव के विश्वास के साथ छपरा के लोगों ने हाथों में हाथ डाल कर मानव शृंखला के महाआयोजन में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया. उत्साह भरे माहौल के बीच लाखों लोगों ने एक साथ मिल कर शराबबंदी के निश्चय को साकार करते हुए मानव शृंखला का जो अद्भुत नजारा पेश किया, वह आने वाले कई वर्षों तक याद रखा जायेगा. भले ही यह मानव शृंखला महज एक घंटे में समाप्त हो गयी पर सड़कों पर सुबह से उत्सव का जो वातावरण देखने को मिला, उसने इस महाअभियान को यादगार बना दिया. हालांकि स्कूली बच्चे सुबह से ही इस कार्यक्रम के लिए सड़कों पर आ गये थे पर तेज धूप, भूख और प्यास की परवाह किये बगैर छोटे बच्चों ने दृढ़ता के साथ मानव शृंखला में अपना योगदान दिया.
राजेंद्र स्टेडियम से निकली पदयात्रा : मानव शृंखला के आयोजन के पूर्व शहर के राजेंद्र स्टेडियम से एक पदयात्रा का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन बिहार सरकार के खनन एवं भूतत्व मंत्री मुनेश्वर चौधरी ने किया. इस अवसर पर स्टेडियम में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कला जत्था और विभिन्न विद्यालय के बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये. पदयात्रा के पूर्व स्टेडियम में उपस्थित जनसमूह को खनन मंत्री मुनेश्वर चौधरी, सारण आयुक्त नर्मदेश्वर लाल, डीआइजी अजीत कुमार राय तथा सारण के जिलाधिकारी दीपक आनंद तथा एसपी पंकज कुमार राज ने संबोधित किया. यह पदयात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी.
2 घंटे पहले ही सड़कों पर बन गयी शृंखला : मानव शृंखला के आयोजन के लिए निश्चित समय का निर्धारण किया गया था, पर इस आयोजन को लेकर उत्साह इस कदर देखने को मिला कि अधिकतर स्कूल के बच्चे 2 घंटे पूर्व ही सड़कों पर खड़े हो गये और शृंखला का निर्माण कर दिया. बच्चों में इस शृंखला को लेकर काफी उत्सुकता देखी गयी. भूख और प्यास की चिंता किये बगैर कड़ी धूप में भी स्कूली बच्चों ने हाथ में हाथ डाल कर इस महाअभियान के सफलता में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. शनिवार को मौसम का मिजाज भी बदला-बदला दिखा और आसमान में काफी कड़ी धूप निकल गयी थी. जिस कारण सड़कों पर खड़ी कुछ बच्चियां धूप के कारण बेहोश हो गयी. हालांकि विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा चौक-चौराहों पर प्याऊ की व्यवस्था की गई थी जिससे काफी हद तक लोगों को राहत मिली.
जम कर चला सेल्फी का दौर : मानव शृंखला के दौरान सेल्फी लेने का क्रेज भी छाया रहा. सड़कों पर खड़े हर वर्ग के लोगों ने जमकर सेल्फी खींची और उसे सोशल मीडिया पर अपडेट करते रहे. मानव शृंखला के पहले जिलाधिकारी दीपक आनंद ने बेस्ट सेल्फी को पुरस्कृत करने की घोषणा की थी जिसके बाद सड़क पर इस महाअभियान को अपने कैमरे में कैद करने और शृंखला के साथ अपनी सेल्फी लेने के लिए लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला. वहीं कार्यक्रम में ड्रोन कैमरे से फोटोग्राफी की जा रही थी जिसे देखने के लिए भी लोगों में काफी उत्सुकता रही.
सड़कों पर चलती रही वाहनें : जिला प्रशासन के निर्देशों के बावजूद सड़कों पर वाहन का परिचालन जारी रहा. मानव शृंखला के बीच में ही कई वाहन जबरदस्ती घुसते रहे. वहीं कुछ जगहों पर पुलिस पदाधिकारियों की नियुक्ति की गयी थी जो लगातार लोगों को रुट चार्ट के बारे में बताते रहे पर गली मुहल्लों के शार्टकट रास्तों से लोग अपने-अपने वाहन से मानव शृंखला के बीच से गुजरते देखे गये. हालांकि प्रशासन के द्वारा ट्रैफिक व्यवस्था के बेहतर इंतजामात किये गये थे जिस कारण मानव शृंखला के समाप्त होने के महज एक घंटे बाद ही सड़कों पर स्थिति सामान्य हो गयी. मानव शृंखला की तैयारियों को लेकर लोगों में जम कर उत्साह दिखा
