खुशी. 21 माह बाद बड़ी लाइन पर ट्रेन चलने से लाखों की आबादी होगी लाभान्वित
छपरा (सदर) : 21 माह के बाद छपरा-मशरक रेल खंड पर मंगलवार की सुबह सवारी गाड़ी का परिचालन शुरू हुआ. परिचालन के दौरान छपरा कचहरी स्टेशन के वरीयतम रेलकर्मी व कांटा वाला के पद पर तैनात सबियल कुजूर ने छपरा कचहरी स्टेशन पर सुबह 6.20 बजे यात्री गाड़ी को झंडी दिखायी. इस अवसर पर स्टेशन अधीक्षक मुस्तफा अंसारी, गार्ड प्रेमनाथ सिंह, सतीश कुमार आदि मौजूद थे. छोटी लाइन से बड़ी लाइन में अामान परिवर्तन के बाद पहली बार ट्रेन परिचालन को लेकर इस ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों में भी खासा उत्साह दिखा. वहीं आमजनों में भी ट्रेन परिचालन शुरू होने से खुशी दिखी.
छपरा से दो बार जायेगी यात्री गाड़ी : 2002 में तत्कालीन रेलमंत्री नीतीश कुमार ने छपरा-थावे, कप्तानगंज, रेलखंड के अामान परिवर्तन कार्य का शिलान्यास किया था. परंतु, काफी विलंब से ही सही छपरा से मशरक के बीच यात्रियों को बड़ी लाइन पर फर्राटे से यात्रा कर सहूलियत मिलेगी. छपरा कचहरी स्टेशन से यह ट्रेन सुबह 6.20 बजे तथा शाम 5.15 मिनट पर प्रस्थान करेगी. वर्ष 2015 में एक अप्रैल से इस मार्ग पर अामान परिवर्तन को लेकर ट्रेन का परिचालन स्थगित था, जिससे छपरा से उत्तर अवस्थित दर्जन भर प्रखंडों के लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही थी. उन्हें एकमात्र सुविधा सड़क मार्ग ही था. अब छपरा कचहरी से दो बार जाने तथा मशरक से दो बार खुलने के कारण मशरक, पानापुर, तरैया, इशुआपुर, अमनौर, मढ़ौरा, बनियापुर, नगरा आदि प्रखंडों के यात्रियों को छपरा मुख्यालय में आने-जाने में सुविधा होगी.
सुविधा के साथ होगा व्यावसायिक विकास : छपरा कचहरी से मशरक के लिए खुलने वाली ट्रेन में सवार यात्रियों के चेहरे पर काफी खुशी दिखी. राकेश को श्यामकौड़िया स्टेशन जाना था. उनका कहना था कि अब उन्हें कम किराये में बेहतर सुविधा के साथ छपरा से आने-जाने का मौका मिलेगा. मढ़ौरा के चंदेश्वर का कहना है कि पूर्व में इस खंड पर जर्जर लाइन के कारण काफी परेशानी होती थी. अब बड़ी लाइन की सुविधा होने से कम समय में यात्रा सुलभ होगी.
वहीं मशरक के रामायण राम का कहना है कि अब आधे खर्च में व एमएचटी से यात्रा का लाभ मिलेगा. इस अवसर पर उपस्थित पश्चिमोत्तर बिहार चेंबर ऑफ काॅमर्स के सचिव पवन कुमार अग्रवाल ने कहा कि इस ट्रेन के शुरू होने से लोगों की सुविधा के साथ व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी आयेगी. रेलवे के द्वारा इस मार्ग को कप्तानगंज होते गोरखपुर से जोड़ने की योजना है, जिससे यात्रियों को गोरखपुर जाने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग भी मिलेगा.
