शव पहुंचते ही मचा कोहराम

परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था पंकज पत्नी, मां व पिता का रो रोकर बुरा हाल तरैया : सड़क दुर्घटना में असमय काल के गाल में समा गया पंकज अपने मां और पिता के बुढ़ापे का इकलौता लाठी था. पीएनबी मुरलीपुर शाखा के बगल में स्थित सैलून दुकान से अपने परिवार का भरण पोषण करता […]

परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था पंकज
पत्नी, मां व पिता का रो रोकर बुरा हाल
तरैया : सड़क दुर्घटना में असमय काल के गाल में समा गया पंकज अपने मां और पिता के बुढ़ापे का इकलौता लाठी था. पीएनबी मुरलीपुर शाखा के बगल में स्थित सैलून दुकान से अपने परिवार का भरण पोषण करता था.
तरैया के नेवारी गांव निवासी गजेंद्र ठाकुर के 28 वर्षीय मृतक पुत्र पंकज कुमार ठाकुर का शव शुक्रवार की सुबह पटना से घर आया. शव आते मां मीना देवी, पिता गजेन्द्र ठाकुर, पत्नी माला देवी समेत परिवार के अन्य सदस्यों का रो रोकर बुरा हाल हो गया. पंकज को तीन पुत्र व एक पुत्री है. रिशु कुमार, टुकटुक कुमार, शालू कुमारी दो वर्षीय तथा समीर कुमार एक वर्षीय अपने पिता की मौत से अनभिज्ञ भीड़ को निहार रहे थे.
सभी बच्चे लोगों को रोते चिल्लाते देख रहे थे और पिता के शव को निहार रहे थे.पत्नी माला देवी रो रोकर अचेत हो जा रही थी. सबकी जुबां से एक ही बात निकल रही थी कि अब इन सब बच्चों की परवरिश कैसे होगा. घर का कमाऊ सदस्य तो दुनिया से चला गया. पंकज के मिलनसार स्वभाव के कारण उसके शव को देखने के लिए तरैया से लेकर गांव तक के सैकड़ो लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी. तरैया पुलिस शव को अंत्यपरीक्षण के लिए छपरा भेज दी. बताते चलें 23 दिसंबर को बिजली विभाग के ठेकेदार की पिकअप वैन से तरैया नहर पुल के समीप साइकिल सवार पंकज को ठोकर लग गया था.
गंभीर स्थिति में तरैया रेफरल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद पटना रेफर कर दिया गया था जहां एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान गुरुवार की संध्या मौत हो गयी. वह घटना के बाद से ही कोमा में था. परिजनों ने प्रशासन से सरकारी सहायता की मांग की है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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