छपरा(नगर) : परिवहन निगम द्वारा दैनिक वेतन पर बहाल किये गये बस चालक एवं कंडेक्टर निगम द्वारा किये जा रहे निजीकरण के विरोध में हड़ताल पर चले गये हैं. छपरा डिपो में कार्यरत निगम कर्मियों के हड़ताल से बसों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है जिससे यात्रियों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है. निगम द्वारा छपरा से विभिन्न स्थानों के लिए प्रतिदिन लगभग 15 बसों का नियमित परिचालन होता है ऐसे में इस हड़ताल के कारण अब यात्रियों को निजी बस से यात्रा करनी पड़ रही है. विदित हो कि इसके पूर्व भी 9 दिसंबर को बस चालकों ने निजीकरण के विरोध में चक्का जाम किया था और बस डिपो में जम कर हंगामा मचाया था.
तब इन कर्मियों का आरोप था कि बसों का परिचालन नियमित रूप से होता है और छपरा डिपो को पर्याप्त राजस्व की प्राप्ति होती है बावजूद इसके कर्मियों को निजी कंपनी के कार्य करने के लिए मजबूर किया जा रहा है. साथ ही परिवहन निगम के अधिकारियों ने भी उनका समर्थन किया था. निगम कर्मी राहुल कुमार ने बताया कि पूर्व में निजीकरण के विरोध में हड़ताल किया गया था.
जिसके बाद विभाग द्वारा आश्वासन दिया गया और कर्मियों ने हड़ताल तोड़ दी. वहीं पुनः 22 दिसंबर को छपरा डिपो के 15 चालकों को गांधी मैदान स्थित बस स्टैंड बुलाकर चाबी ले लिया गया और उन्हें प्राइवेट कंपनी में बहाल करने की बात की जाने लगी और विरोध करने पर कॉन्ट्रेक्ट समाप्त करने की बात कही गयी.
जिसके उपरांत निजीकरण के विरोध में छपरा डिपो में कार्यरत चालक एवं कंडेक्टर ने हड़ताल कर दिया है. जब तक परिवहन निगम के कर्मी के रूप में कार्य करने का लिखित आश्वासन नहीं मिलता तब तक हड़ताल जारी रहेगा. वहीं इस संदर्भ में स्थानीय प्रशासन का कहना है कि छपरा डिपो में कार्यरत कर्मियों की मोनिटरिंग पटना से ही होती है. पटना मुख्यालय से ही इस संबंध में उचित कदम उठाया जायेगा.
