यूपी से बंगाल तक चलेंगी बसें
छपरा (सारण) : छपरा के रास्ते उत्तर प्रदेश से बंगाल तक बस सेवा शुरू होगी. अब उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और वाराणसी से छपरा होते हुए कोलकाता और सिल्लीगुड़ी तक बसें चलायी जायेंगी. इस रूट पर निजी बसों का परिचालन होगा. निजी बस संचालकों को इसके लिए परमिट निर्गत किया जायेगा. सड़क मार्ग से आवागमन […]
छपरा (सारण) : छपरा के रास्ते उत्तर प्रदेश से बंगाल तक बस सेवा शुरू होगी. अब उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और वाराणसी से छपरा होते हुए कोलकाता और सिल्लीगुड़ी तक बसें चलायी जायेंगी. इस रूट पर निजी बसों का परिचालन होगा. निजी बस संचालकों को इसके लिए परमिट निर्गत किया जायेगा. सड़क मार्ग से आवागमन को सहज व सुलभ बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है.
इन मार्गों छपरा से गोरखपुर और वाराणसी तथा छपरा से कोलकाता के बीच बस चलाने के लिए भी परमिट निर्गत किया जायेगा. इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. निजी सब संचालकों से आवेदन पहले ही जमा कराया जा चुका है. बस सेवा को बेहतर बनाने के लिए राज्य परिवहन निगम के डिपो को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है. छपरा के सब डिपो को निजी हाथ में सौंपा जा चुका है.
सरकारी बस चलाने पर हो चुकी है सहमति : बिहार से उत्तर प्रदेश और बिहार से पश्चिम बंगाल के बीच राज्य पथ परिवहन निगम की बसे चलाने पर पहले ही सहमति हो चुकी है. इसको केंद्र सरकार से भी स्वीकृति मिल चुकी है. प्रमंडलीय मुख्यालय छपरा शहर को पड़ोसी राज्यों के बड़े शहरों को बस सेवा से जोड़ने की इस महत्वाकांक्षी योजना को अंतिम रूप देने में विभागीय अधिकारी जुट गये है. तीनों राज्य सरकारों के बीच इसको लेकर कई स्तर पर वार्ता हो चुकी है.
एक पखवाड़े में निर्गत होगा परमिट : छपरा से लेकर गोरखपुर और वाराणसी से कोलकाता, सिल्लीगुड़ी के लिए बस चलाने के हेतु परमिट एक सप्ताह में निर्गत होने की संभावना है. इसको लेकर राज्य स्तरीय बैठक होने वाली है. बैठक में परमिट निर्गत करने पर विचार विमर्श होगा और परमिट को अंतिम रूप दिया जायेगा. गोरखपुर, वाराणसी से छपरा होते हुए कोलकाता और सिल्लीगुड़ी तक बस सेवा शुरू हो जाने से आमजनों का सफर सुहाना होगा. वर्तमान समय में इस मार्ग पर बसों का परिचालन नहीं होता है. इन स्थानों पर सफर करने के लिए रेल मार्ग ही एक मात्र विकल्प है. सारण तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग रोजी-रोजगार के लिए पश्चिम बंगाल में रहते है और व्यावसायिक दृष्टिकोण से भी काफी महत्वपूर्ण है. बस सेवा बहाल होने से व्यवसाय करने वालों को भी सहूलियत होगी. व्यवसाय में वृद्धि होगी. छपरा से वाराणसी, गोरखपुर और कोलकाता, सिल्लीगुड़ी तक सड़क मार्ग से सफर करना सरल-सहज व आसान होगा. ट्रेनों में रिजर्वेशन नहीं मिलने पर यात्रियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा.
बंगाल, झारखंड औ्र उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों के लिए चलेंगी परिवहन निगम की बसें
क्या कहते हैं अधिकारी
अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू करने के लिए परमिट निर्गत करने हेतु राज्य स्तरीय बैठक 15 दिसंबर को होने वाली है. बैठक में परमिट निर्गत करने के पश्चात बस सेवा का परिचालन बहाल होगा.
अंजय कुमार राय, जिला परिवहन पदाधिकारी, सारण