भेल्दी (अमनौर) : उर्दू मध्य विद्यालय फिरोजपुर के पूर्व प्रधानाध्यापक सह शिक्षक आफताब आलम की कटसा में हुए दर्दनाक सड़क दुर्घटना में मौत के बाद उनके स्कूल के शिक्षक परसा प्रखंड व अमनौर प्रखंड के सभी शिक्षक घटना स्थल पर पहुंच सभी आफताब के चरित्र व उसके व्यवहार की चर्चा कर फूट-फूट कर रो रहे थे.
शिक्षक निर्मल कुमार पाण्डेय ने बताया कि मीटिंग में अथवा जब भी मुलाकात होती थी. आफताब हमेशा कैसे बच्चो को बेहतर शिक्षा मिले, सरकार शिक्षकों के एक लिए नया क्या कर सकती है. इसकी ही हमेशा चर्चा करते रहते थे. ग्रामीण बताते हैं कि आफताब का बड़ा पुत्र विकलांग है. जिसकी चिंता हमेशा आफताब को रहती थी. जिसके बाद बड़े बेटे के लिए गांव में ही किराने की दुकान खोल दिया था. जिससे उसको कभी किसी चीज की कमी न हो. उसके इसी आचरण के कारण मृत स्थल से करीब 10 किलोमीटर दूर घर होने के बाद भी सैकड़ों लोग घटनास्थल पर पहुंच जाम में डटे रहे.
सूचना पर अमनौर व परसा प्रखंड के अमनौर थानाध्यक्ष अजीत कुमार पाण्डेय, ब्रजेश कुमार निर्मल कुमार पाण्डेय, ललितेश्वर मांझी व परसा अध्यक्ष उमेश कुमार यादव, ललन प्रसाद यादव, असलम अली समेत दर्जनों शिक्षक पहुंच मुआवजे के लिए ग्रामीणों के साथ सड़क पर उतार गये. जिससे करीब चार घंटे तक सड़क जाम रहा. लग्न का मौसम होने के कारण दो चार दूल्हों की गाड़ी जाम में फंस गयी. फिर काफी मशक्कत के बाद दूसरे रास्ते से निकाला गया. पिता की मौत से आहत पुत्र वसीम या अल्लाह मेरे अब्बू को लौटा दे की चीख से घटना स्थल पर मौजूद सभी लोगो के आंखो में आंसू आ गये. घटना स्थल पर जब अमनौर बीडीओ वैभव कुमार व खालिद अख्तर पहुंचे तो शिक्षक का पुत्र थानाध्यक्ष व बीडीओ को पकड़ अपने पिता की ज़िन्दगी मांगने लगा, जिस पर दोनों अधिकारी भी रोने लगे.
अमनौर बीडीओ वैभव कुमार, थानाध्यक्ष खालिद अख्तर, मुखिया संघ के अध्यक्ष विन्देश्वरी राय घटना स्थल पर पहुंच शिक्षकों से बात कर चार लाख रुपये व मृत शिक्षक के पुत्र के नौकरी देने के अाश्वासन के बाद ग्रामीण व शिक्षक सड़क से हटे. बीडीओ वैभव कुमार ने बताया कि चार लाख रुपये व उसके पुत्र को शिक्षक में नौकरी व सड़क निर्माण कार्य में लगी कंपनी से ज्यादा से ज्यादा मुआवजा दिलाने की कोशिश की जायेगी.
