मार्च में शामिल वाम दल के लोग व थानाचौक पर प्रदर्शन करते राजद के कार्यकर्ता.
दिघवारा में नहीं दिखा बंद का असर, खुली रहीं दुकानें व बाजार
दिघवारा : पीएम मोदी द्वारा नोटबंदी के विरोध में विपक्ष द्वारा भारत बंद का दिघवारा में कोई असर नहीं दिखा और हर दिन की तरह सोमवार को भी जनजीवन सामान्य रहा. कहीं से सड़क व रेलजाम की कोई सूचना नहीं मिली और न ही किसी राजनीतिक दल द्वारा कही विरोध प्रदर्शन व जुलुस निकाले गये. छपरा-सोनपुर रेलखंड पर ट्रेनें दौड़ती मिली वहीं छपर-पटना सड़क मार्ग पर भी दिन भर वाहन सरपट दौड़ लगाते दिखे. दिघवारा,शीतलपुर व आमी बाजारों में सामान्य दिनों की तरह भीड़ दिखी और दुकानों पर ग्राहकों का जमावडा नजर आया. रेलवे स्टेशनों के अलावा सरकारी कार्यालयों में भी सामान्य दिनों सा नजारा दिखा.हालांकि बंद के आह्वान के मद्देनजर प्रखंड के अधिकांश निजी विद्यालयों के संचालकों ने अपने विद्यालयों को बंद रखा जिस कारण निजी विद्यालयों के बच्चों ने छुट्टी का भरपूर मजा
उठाया.कोचिंग संस्थानों में भी रौनक दिखी और उन संस्थानों में विद्यार्थियों की उपस्थिति शत प्रतिशत दिखी और कहीं भी बंद का असर न दिखायी पड़ा. वहीं अमनौर प्रखंड में कही नहीं है दिखे नोट बंदी के खिलाफ भारत बंद और विरोध प्रदर्शन करते किसी पार्टी के कार्यकर्ता. सभी सरकारी और गैर सरकारी प्रतिष्ठाने रोजाना की तरह खुले रहे. जनता के मूड भांप पार्टी के आदेश के बावजूद लिया किनारा. मालूम हो कि नोटबंदी के खिलाफ कुछ पार्टियों की ओर से 28 नवम्बर को भारत बंद का आह्वान किया था. वहीं राजद, कांग्रेस, बसपा, सपा सहित कुछ अन्य पार्टियों ने सड़क पर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया था. बावजूद अमनौर में इसका कोई असर नहीं दिखा. जबकि नोटबंदी के बीस दिन बाद भी बैंकों में पैसा निकालने वालों की अप्रत्याशित भीड़ में कोई कमी नहीं आयी है. इतनी तकलीफों के बाद भी अधिकतर लोगों ने मोदी सरकार द्वारा लिए गए नोट बंदी के फैसले का स्वागत कर रहे हैं.
