छपरा : नोटबंदी से जहां भ्रष्टाचार और आतंकवाद के समाप्त होने के कयास लगाये जा रहे हैं. वहीं इस घोषणा के साथ ही विभिन्न थानाक्षेत्रों से चोरी व लूट जैसी घटनाएं भी एकाएक गुम हो गयी है. पिछले 12 दिनों के अंदर मुफस्सिल डोरीगंज व अवतारनगर इन तीन थानों के रिकार्ड पंजी के मुताबिक आकड़ों पर गौर करे तो चोरी छिनतई व लूट के मामलों में तीनों थाने शून्य पाये गये. जबकि इसके पूर्व के मात्र तीन महीनों की बात करे तो थानेवार लगभग दर्जनों ऐसे मामले धरे पड़े हैं.
वही यह शांति व्यवस्था भले ही कुछ अंतराल के लिए ही सही किन्तु इससे साफ जाहिर है कि ऐसी अापराधिक घटनाएं नोटबंदी की सामान्य स्थिति बहाल होने तक पूरी तरह नियंत्रण में है. केन्द्र सरकार के द्वारा गत 8 नवंबर की रात्रि से नोटबंदी की घोषणा के बाद विभिन्न पुलिस थानों में चोरी व डकैती का कोई भी मामला दर्ज नहीं हुआ है. मुफ्फसिल थानाध्यक्ष के मुताबिक पिछले 1 सितंबर से 8 नवंबर के बीच सेंधमारी के केवल 7 मामले दर्ज है.
वहीं अवतारनगर थानाध्यक्ष के अनुसार गत एक सितंबर से 8 नवंबर के बीच पहले भी इस तरह के मामले दर्ज नहीं थे और नोटबंदी के बाद ऐसा कोई मामला अब तक प्रकाश में नहीं आया. वही डोरीगंज की बात करे तो थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार के मुताबिक गत 8 नवंबर तक पिछले दो महीने 9 दिनों के दरम्यान चोरी की केवल चार घटनाएं दर्ज है जो नोटबंदी के बाद से ऐसे मामले अब तक नगन्य है.
