नोट बदलने के लिए जुटे लोग. आलू की नहीं हो पा रही बोआई, किसान मायूस

तरैया : प्रखंड के किसानों की आलू की बुआई समय पर नही हो पा रही हैं. इधर विभिन्न गांवों के किसान जब पांच सौ एवं एक हजार रुपये की नोट खाद-बीज खरीदने जा रहे है तो दुकानदार उक्त नोट से आलू की बीज व खाद नहीं दे रहे हैं. जिसे आलू की बोआई समय पर […]

तरैया : प्रखंड के किसानों की आलू की बुआई समय पर नही हो पा रही हैं. इधर विभिन्न गांवों के किसान जब पांच सौ एवं एक हजार रुपये की नोट खाद-बीज खरीदने जा रहे है तो दुकानदार उक्त नोट से आलू की बीज व खाद नहीं दे रहे हैं. जिसे आलू की बोआई समय पर नहीं हो पा रही हैं.

इधर पचभिंडा कुशवाहा टोला के किसान गणेश सिंह कुशवाहा,ज्वाला सिंह कुशवाहा, अवधेश सिंह कुशवाहा, योगेंद्र सिंह कुशवाहा, नीलकमल सिंह कुशवाहा ने आलू की बोआई करने के क्रम में बताया की खाद-बीज दुकान पर एक सप्ताह से दौर लगते रहे और पुराने नोट पर खाद-बीज नहीं दिया. इधर दुकानदार द्वारा कर्जे के रूप में खाद-बीज दिया जा रहा है काफी मंहगें दामों पर जिससे बोआई की जा रही हैं. प्रखंड में लगभग पचास हेक्टेयर में आलू की खेती होती थी.
लेकिन पांच सौ व एक हजार के रुपये बंद हो जाने से लगभग बीस हेक्टेयर तक आलू की बोआई हो पाई है. मामला जो भी हो रुपये बंद होने के कारण किसानों पर बुरा असर पड़ रहा हैं. इधर इस संबंध में प्रखंड कृषि पदाधिकारी भृगुनाथ सिंह ने बताया की आलू बीज के लिये फार्म भरा जा रहा हैं.
वहीं आलू की बुआई की दस हेक्टेयर का लक्ष्य हैं. लेकिन किसानों द्वारा मात्र चार हेक्टर का ही पैसा जमा किया गया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >