75 फीसदी पदाधिकारी मिले गायब

छपरा (सदर) : प्रमंडलीय आयुक्त नर्मदेश्वर लाल के निर्देश के आलोक में प्रमंडल स्तर के पदाधिकारियों की तीन अलग-अलग टीम के द्वारा विगत एक माह में की गयी विभिन्न सरकारी कार्यालयों के औचक निरीक्षण ने प्रखंड स्तर के सरकारी कार्यालयों में पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति एवं कार्यशैली की पोल खोल कर रख दी है. […]

छपरा (सदर) : प्रमंडलीय आयुक्त नर्मदेश्वर लाल के निर्देश के आलोक में प्रमंडल स्तर के पदाधिकारियों की तीन अलग-अलग टीम के द्वारा विगत एक माह में की गयी विभिन्न सरकारी कार्यालयों के औचक निरीक्षण ने प्रखंड स्तर के सरकारी कार्यालयों में पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति एवं कार्यशैली की पोल खोल कर रख दी है.

ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी कार्यालयों के निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रखंड स्तर की बीडीओ, सीओ या अन्य कार्यालयों के पदाधिकारियों की उपस्थिति का जब यह नजारा है तो अन्य सरकारी कार्यालयों में कर्मियों की उपस्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है. प्रमंडलीय आयुक्त ने ऐसे पदाधिकारियों एवं कर्मियों के कार्यालयों का निरीक्षण कर एवं अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का जो कदम उठाया है. वह निश्चित तौर पर सराहनीय है. वहीं कार्य के प्रति लापरवाह पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए चेतावनी है.

जांच के लिए गठित की गयी तीन टीम : प्रमंडलीय आयुक्त के द्वारा सारण, सीवान, गोपालगंज के विभिन्न प्रखंड स्तर के कार्यालयों की जांच के लिए गठित की गयी तीन अलग-अलग टीम के द्वारा विगत एक माह में पांच प्रखंडों का औचक निरीक्षण किया गया जिनमें नगरा, जलालपुर तथा मांझी प्रखंड शामिल है. आयुक्त के द्वारा गठित जांच टीम ने जो रिपोर्ट आयुक्त को सौंपी है. उसके अनुसार प्रखंड स्तर के बीडीओ, सीओ, सीडीपीओ, स्वास्थ्य, मनरेगा आदि कार्यालयों के 75 फीसदी पदाधिकारी या कर्मी निरीक्षण के दौरान कार्यालय से अनुपस्थित पाये जाते हैं. उनका कार्यालय ही निरीक्षण के दौरान बंद पाया गया. ऐसी स्थिति में प्रमंडलीय आयुक्त ने इन प्रखंडों के कम से कम पांच दर्जन अनुपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध जवाब तलब करते हुए कार्रवाई की. वहीं मांझी प्रखंड में की गयी जांच रिपोर्ट के संबंध में भी डीएम को सूची भेजे जाने की बात आयुक्त के सचिव सच्चिदानंद चौधरी ने बतायी. उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में भी चार प्रखंडों की जांच के दौरान भेजी गयी अनुपस्थित कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों की सूची के संबंध में अभी तक डीएम से प्रतिवेदन नहीं मिला है. चूंकि अगस्त माह में बाढ़ के कारण जिला प्रशासन की व्यस्तता रही. ऐसी स्थिति में शीघ्र ही पूर्व के कर्मचारियों पर की गयी कार्रवाई के संबंध में स्मार पत्र भी भेजा जायेगा.
सारण, सीवान, गोपालगंज के जिला से लेकर प्रखंड स्तर के सरकारी कार्यालयों में पदाधिकारियों, कर्मियों की उपस्थिति व कार्यशैली को ले आयुक्त के अभियान की चर्चा
सीवान : गोपालगंज में अबतक नहीं हुआ टीम का दौरा
प्रमंडलीय आयुक्त के नर्मदेश्वर लाल ने सारण, सीवान, गोपालगंज के जिला एवं प्रखंड स्तर के कार्यालयों की जांच के लिए टीम बनायी है. लेकिन, विगत एक माह में तीनों टीम ने महज सारण जिले के पांच प्रखंडों में औचक निरीक्षण किया है. अभी निरीक्षण टीम सारण के अलावा सीवान, गोपालगंज में नहीं गयी है. हालांकि टीम ने प्रमंडलीय मुख्यालय के आस-पास के प्रखंड कार्यालयों का ही औचक निरीक्षण किया है. सीवान-गोपालगंज या दूर-दराज के प्रखंड स्तर के कार्यालयों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के कार्यशैली में कोई खास बदलाव नहीं आया है. तभी तो अबतक पांच प्रखंडों में जांच के बाद भी हर प्रखंड में दर्जनभर से ज्यादा पदाधिकारी मनमाने ढ़ंग से नियम के विरुद्ध अपने कार्यालयों से अनुपस्थित पाये जा रहे है. हालांकि प्रमंडलीय आयुक्त के इस सख्त कदम को लेकर कर्मियों में निश्चित तौर पर चर्चाएं है. आयुक्त भी इस निरीक्षण कार्यक्रम को लगातार संचालित कर सरकारी कार्यालयों की कार्यशैली सूधारने के प्रति संकल्पित दिखते है. अब देखते है कि आयुक्त का यह अभियान कब तक सरकारी कार्यालयों की कार्यशैली को पूरी तरह पटरी पर ला पाता है.
प्रमंडल से लेकर प्रखंड स्तर तक सरकारी कार्यालयों में पदाधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति को नियमित करने एवं कार्यशैली को बदलने के उद्देश्य से निरीक्षण कार्यक्रम तीन अलग-अलग टीमों के द्वारा किया जा रहा है. निरीक्षण में अनुपस्थित पाये गये पदाधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए डीएम को विधिवत लिखा जा रहा है. निरीक्षण टीम धीरे-धीरे सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी कार्यालयों का भी निरीक्षण करेगी. हर हाल में यह अभियान जारी रखा जायेगा. किसी भी स्थिति में लापरवाह पदाधिकारियों एवं कर्मियों को नहीं बख्शा जायेगा.
नर्मदेश्वर लाल, आयुक्त, सारण प्रमंडल

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