छपरा (सदर) : बाढ़पीड़ित को मुआवजा दिलवाने के नाम पर यदि कोई पदाधिकारी या बिचौलियां नाजायज वसूली करता है तो उसके विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जायेगी. डीएम दीपक आनंद ने जिले में आये भीषण बाढ़ के बाद बाढ़ पीड़ितों को फसल क्षति, मकान क्षति या अन्य क्षति के आकलन करने एवं बाढ़ पीड़ितों के नाम पर एक दो स्थानों पर नाजायज वसूली की सूचना के बाद यह निर्देश जारी किया है.
उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि इसकी सूचना वे डीएम के सरकारी मोबाइल नंबर या अपने-अपने अनुमंडल के अनुमंडल पदाधिकारी सरकारी नंबर पर दे. किसी भी स्थिति में बाढ़ राहत दिलाने के नाम पर नाजायज वसूली की छूट नहीं दी जायेगी. मालूम हो कि विभिन्न क्षेत्रों में बाढ़ राहत की अनुदान राशि दिलाने के लिए फार्म उपलब्ध कराने या फार्म भरने के नाम पर बिचौलियों के द्वारा अपनी कारगुजारियों को अंजाम दिया जा रहा है जिससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोग परेशान है.
प्रशासन ने अगर इनकी कारगुजारियों पर लगाम नहीं लगाया तो बाढ़ पीड़ितों के बदले बाढ़ से प्रभावित नहीं हुए लोग भी अनुदान लेने में सफल हो जायेंगे. उधर जल संसाधन विभाग के निर्देश पर ड्रोन कैमरा की एक टीम गंगा नदी के जल स्तर में वृद्धि के कारण बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हुई क्षति का आंकड़ा लेने पहुंची.
इस दौरान ड्रोन कैमरे की टीम के सदस्यों ने सुबह सात बजे से संध्या पांच बजे तक सोनपुर तथा दिघवरा प्रखंड के गंगा नदी के बाढ़ से प्रभावित गांवों की फोटोग्राफी की. जल संसाधन के कार्यपालक अभियंता विनोद कुमार के अनुसार कैमरे की फोटोग्राफी के आधार पर सरकार के द्वारा हुई क्षति के मुआवजा का आकलन किया जायेगा.
