संपत्ति की रक्षा के लिए बाढ़ के बीच घरों की छत पर रहने को विवश

महिलाओं एवं बच्चों को अपने संबंधियों के यहां भेज रहे बाढ़पीड़ित आपातकाल में भी बीएसएनएल की गति कछुए की छपरा (सदर) : बाढ़ जैसी विपदा में भी बीएसएनएल कछुए की चाल से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है. वह भी आमजनों की कौन कहें, जिला प्रशासन के बाढ़ जैसे आपातकाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने […]

महिलाओं एवं बच्चों को अपने संबंधियों के यहां भेज रहे बाढ़पीड़ित

आपातकाल में भी बीएसएनएल की गति कछुए की
छपरा (सदर) : बाढ़ जैसी विपदा में भी बीएसएनएल कछुए की चाल से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है. वह भी आमजनों की कौन कहें,
जिला प्रशासन के बाढ़ जैसे आपातकाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के लिए डीएम दीपक आनंद के निर्देश पर बेसिक फोन तथा ब्रांड बैंड के लिए आपदा प्रबंधन के प्रभारी पदाधिकारी शिव कुमार पंडित ने 1945 रुपये बीएसएनएल को जमा कराया . 27 अगस्त को बीएसएनएल ने आपदा प्रबंधन कार्यालय का नंबर भी 06152-242209 जारी कर दिया. लेकिन, रविवार तक न तो बेसिक फोन लगा और न ब्रांड बैंड.
आपदा प्रबंधन के प्रभारी पदाधिकारी श्री पंडित का कहना है कि बाढ़ के दौरान राज्य मुख्यालय से पूरे दिन में दर्जनों सूचना लेने एवं देने के अलावे विभिन्न प्रखंडों में भी सूचनाओं के अादान-प्रदान की जरूरत है. लेकिन राशि जमा कराये जाने के बावजूद भी बीएसएनएल अापातकाल की स्थिति को नजरअंदाज कर प्रशासन के आग्रह को ठेंगा दिखा रहा है.
जिससे आपदा प्रबंधन का कार्य प्रभावित हो रहा है. उधर इस संबंध में पूछे जाने पर बीएसएनएल के महाप्रबंधक विद्यानंद ने कहा कि वे संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी से बात कर इस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं.

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