मौना चौक रोड में बंद दुकानें.
छपरा : बाढ़ के प्रकोप से छपरा व्यावसायिक मंडी भी बुरी तरह प्रभावित हुई है. छपरा शहर के प्रमुख बाजारों में बाढ़ का पानी जमा है जिस वजह से दुकानें पिछले दस दिनों से बंद पड़ीं हैं. शहर के सरकारी बाजार, साहेबगंज, पुरानी गुड़हट्टी, तिनकोनिया तथा सब्जी मंडी जैसे प्रमुख व्यावसायिक जगहों पर अभी भी घुटने भर पानी लगा हुआ है जिसके चलते प्रायः सभी दुकाने बंद ही रह रही हैं. इन बाजारों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है पर नालों के जाम होने के कारण पानी निकलने में काफी दिक्कत हो रही है. सरकारी बाजार और तिनकोनिया मार्केट में तो कई दुकान ऐसे भी हैं जिसके अंदर तक पानी है.
इस पूरे मार्केट एरिया में लगभग तीन सौ दुकानें बाढ़ के कारण लगे जलजमाव से प्रभावित हैं. हालांकि जलजमाव के बीच कुछ दुकानदार अपनी दुकानों को इस उम्मीद में खोल रहे हैं कि शायद कोई ग्राहक भुला-भटका वहां तक पहुंच सके पर सड़कों पर पानी लगने की वजह से कोई भी ग्राहक इन दुकानों तक नहीं आ रहा है.
विदित हो कि शहर के इस प्रमुख बाजार से सामान्य दिनों में लाखों का व्यवसाय होता है, पर बाढ़ के चपेट में आने के कारण खरीद-बिक्री पूरी तरह चौपट हो जाने से शहर के आर्थिक ग्राफ पर भी खासा असर पड़ा है. पिछले दस दिनों से यहां के व्यवसायी इसी उम्मीद में हैं कि जल्द ही पानी बाजार से निकलेगा और बाजार दुबारा व्यवस्थित तरीके से चल सकेगा. पश्चिमोत्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष पवन कुमार अग्रवाल ने बताया कि पानी जमा होने का प्रमुख कारण खनुआ नाले का पूरी तरह जाम होना है. जब तक नदी का जल स्तर कम नहीं होगा तब तक जलजमाव की स्थिति बनी रहेगी. उन्होंने कहा कि सरकारी बाजार और आसपास के व्यवसायी मंडियों में जलजमाव से हो रही समस्या को लेकर नगर पर्षद को सूचित किया जा चुका है. नालों के सफाई के बाद ही पानी के हटने की उम्मीद है. फिलहाल इन बाजारों में स्थिति यथावत बनी हुई है.
