छपरा : जिले में आये भीषण बाढ़ का प्रकोप बाढ़पीड़ितों के साथ-साथ मजदूरी कर अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले दिहाड़ी मजदूरों को भी झेलना पड़ रहा है. बाढ़ की वजह से सभी जगह प्रायः निर्माण से लेकर अन्य कार्य आजकल बंद है. बाढ़ के कारण छपरा के आसपास के इलाकों में जिन घरों का निर्माण कार्य हो रहा था वो भी अभी रुका हुआ है.
ऐसे में इन जगहों पर काम करने वाले मजदूरों को रोजी-रोटी के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. काम की तलाश में शहर के मौना चौक, कटहरी बाग़, शिव बाजार में हर दिन इन मजदूरों का जमावड़ा लगता है.
यहां अधिकतर मजदूर सुबह छ: बजे से ही खड़े हो जाते हैं, ताकि ठेकेदारों द्वारा इन मजदूरों को काम दिया जा सके. इन मजदूरों को औसतन 200 रूपए तक प्रतिदिन के हिसाब से काम के लिए मिल जाता है, जिससे ये अपने परिवार के लिए दो वक्त की रोटी का जुगाड़ कर लेते हैं. छपरा के कई इलाकों के साथ-साथ नई बस्तियों में भी बाढ़ के प्रभाव से निर्माण कार्य रुका हुआ है. जिससे इन मजदूरों को काम मिलने में पेरशानी हो रही है. काम की तलाश में आजकल ये लोग अपने शहर से काफी दूर जाने को भी मजबूर हैं. इस बार की बाढ़ ने इन मजदूरों के रोजगार को प्रभावित कर दिया है.
