छपरा (सारण) : गंगा, सोन तथा सरयू नदियों का कहर गुरुवार को भी जारी रहा. बाढ़ के पानी में डूबने से एक किशोर की मौत हो गयी. घटना रिविलगंज के सिरिसिया की है. बाढ़ में डूबे किशोर का शव बरामद कर लिया गया है. स्थानीय ग्रामीण शव ढूढ़ रहे है. बाढ़ का पानी चढ़ जाने के कारण छपरा-पटना और छपरा-बलिया पथ पर बाधित है. छपरा-सीवान पथ पर भी बाढ़ का पानी बह रहा है, लेकिन जान जोखिम में डाल कर लोग आवागमन कर रहे हैं.
बाढ़ के कारण जगह-जगह कटाव हो रहा है और नये क्षेत्रों में बाढ़ का पानी काफी तेजी के साथ फैल रहा है. बाढ़ की स्थिति से निपटने में प्रशासन नाकाम है. पीड़ितों के बीच राहत व बचाव कार्य नहीं हो रहा है. बाढ़ पीड़ितों को तैयार भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन की ओर से चलाये जा रहे राहत शिविर नाकाफी साबित हो रहा है. कटाव निरोधी कार्य भी अब तक शुरू नहीं हुआ है. कई क्षेत्रों में प्रशासनिक अधिकारी भी नहीं पहुंचे है.
अधिकांश बाढ़ पीड़ित इलाकों में नाव का भी प्रबंध नहीं है. प्रशासन की ओर से राहत व बचाव कार्य नहीं कराये जाने से बाढ़पीड़ितों में आक्रोश बढ़ रहा है. रिविलगंज प्रखंड के डिलीया रहिमपुर के आक्रोशित बाढ़ पीड़ितों ने डीएम आवास का भी घेराव किया. इसके पहले दरियापुर प्रखंड के बाढ़ पीड़ितों ने समाहरणायल पहुंच कर हंगामा किया था. कई स्थानों पर राहत शिविर में चिकित्सक भी नहीं पहुंच रहे है. ग्रामीण इलाकों के सरकारी अस्पतालों में दवाओं का भी अभाव बना हुआ है. एक सप्ताह से लगातार जारी बाढ़ के कहर ने करोड़ों रूपये की सरकारी, गैर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है. छपरा-पटना और छपरा-बलिया, छपरा-सीवान पथ को बाढ़ के कारण काफी क्षति पहुंची हे. बाढ़ का पानी हटने के बाद इन पथों को नये सिरे से निर्माण कराना पड़ेगा. बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त तटबंधों की मरम्मति जनसहयोग से ग्रामीण करा रहे है. रिविलगंज के इनई, सेंगर टोला, रेपुरा, तिवारी टोला, राघवपुर, मोहब्बत परसा समेत कई स्थानों पर बाढ़ रोकने का उपाय ग्रामीण कर रहे है. छपरा-बलिया पथ पर बाढ़ का पानी जमा रहने के कारण रेलवे ट्रैक के सहारे रिविलगंज-मांझी के लोग पैदल आवागमन कर रहे है. सड़क मार्गों पर आवागमन ठप रहने के कारण जिले के कई प्रखंडों में रसोई गैस की आपूर्ति नहीं हो पा रही है. जिससे आम नागरिकों की परेशानी बढ़ गयी है. रिविलगंज, मांझी तथा एकमा समेत कई स्थानों पर रसोई गैस के लिए हाहाहकार मचा हुआ है. सड़कों पर बाढ़ का पानी आ जाने के कारण रसोई गैस की आपूर्ति बाधित है. बाढ़ के कारण रिविलगंज तथा मांझी के कई क्षेत्रों में विद्युत की भी आपूर्ति बाधित है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में संचार सेवा भी ठप है. मोबाइल का नेटवर्क काम नहीं कर रहा है. कई बैंकों का लिंक फेल हो गया है. फिलहाल जिले में नदियों का जल स्तर स्थिर है. गंगा नदी खतरे के निशान से उपर बह रही है तथा सरयू व गंडक खतरे के निशान से नीचे बह रही है.
