अबतक 4 सौ क्विंटल चूड़ा, 60 क्विंटल गुड़, 26 क्विंटल सत्तू 16 हजार परिवारों के बीच वितरण का दावा
छपरा (सदर) : जिले के 32 नये गांवों के 1250 परिवार सोन, गंगा एवं घाघरा के उफान की चपेट में रविवार की रात आ गये हैं. अब सारण में 278 गांवों के 81 हजार 1 सौ परिवार बाढ़ की विभिषिका झेलने को विवश है. रविवार की रात सबसे ज्यदा दरियापुर प्रखंड के 32 गांव के 12 हजार 5 सौ परिवार प्रभावित हो गये हैं.
वहीं मही नदी के बांध के नीचे का इलाका जलमग्न हो गया है.
प्रशासन व बाढ़ पीड़ितों के सहयोग में लगी एसडीआरएफ की टीम : बाढ़ प्रभावित रिविलगंज, सोनपुर, सदर, दिघवारा, गड़खा, दरियापुर में एक ओर जहां प्रशासन के द्वारा बनाये गये 13 राहत शिविरों में तैयार भोजन के रूप में 4 सौ क्विंटल चिउरा, 26 क्विंटल सत्तु जहां वितरण किया गया है. वहीं पूरे दिन नगर पालिका भवन में एडीएम के नेतृत्व में पदाधिकारियों की टीम चूड़ा, गुड़, सत्तू आदि का पैकेट बनाने में व्यस्त दिखे. एसडीआरएफ की दो अलग-अलग प्लाटून ने सोनपुर तथा छपरा सदर में कमान संभाल ली है. इन सभी प्रभावित प्रखंडों के परिवारों के बीच अबतक 4 हजार पॉलीथिन सीट जिला प्रशासन कर रहा है.
सिताब दियारा तथा अवतारनगर में 20 अस्थायी चापाकल लगाये गये :
डीएम के निर्देश पर राहत शिविर में रह रहे लोगों के बीच बेहतर जलापूर्ति के लिए 10-10 अस्थायी चापाकल गाड़े गये है. वहीं जल जांच के लिए टीम भ्रमणशील है. वहीं शिविर में रह रहे लोगों को जल जनित रोगों से बचाने के लिए हैलोजन टैबलेट, क्लोरिन टैबलेट उपलब्ध कराया जा रहा है. डीएम के निर्देश पर सभी 13 राहत शिविरों में प्रत्येक पर एक चिकित्सक तथा एक एएनएम की प्रतिनियुक्ति आवश्यक मानक दवाओं के साथ की गयी है.
