कार्रवाई. इंदिरा आवास का लाभ दिलाने के लिए ग्रामीण आवास सहायकों ने मांगी थी रिश्वत
दो आवास सहायकों के खिलाफ प्राथमिकी
दोनों ग्रामीण आवास सहायक है भाई-बहन
छपरा (सारण) : रिश्वत मांगने का वीडियो वायरल होने के बाद डीएम ने दो ग्रामीण आवास सहायकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश देते हुए दोनों को चयन मुक्त करने का प्रस्ताव प्रखंड विकास पदाधिकारियों से की है. दोनों ग्रामीण आवास सहायक, भाई-बहन हैं. इस मामले में ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक त्रिभुवन यादव के मानदेय भुगतान पर रोक लगाने तथा स्पष्टीकरण पूछे जाने का आदेश दिया गया है.सदर प्रखंड के फकूली पंचायत की ग्रामीण आवास सहायक श्रुति प्रकाश, लाभार्थियों के घर जाकर इंदिरा आवास योजना का लाभ दिलाने के एवज में 10-10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की. इस कार्य में श्रुति प्रकाश के भाई आशीष प्रकाश ने सहयोग किया. आशीष भी ग्रामीण आवास सहायक के पद पर एकमा प्रखंड के परसा पूर्वी पंचायत में पदस्थापित है. इसके पहले भी श्रुति प्रकाश के खिलाफ रिश्वत वसूली की शिकायत मिली थी. इस मामले की जांच का आदेश सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिया गया था.
सदर बीडीओ ने आरोपों की जांच स्वयं नहीं किया और इसकी जांच ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक त्रिभुवन यादव से कराया. पर्यवेक्षक के प्रतिवेदन के आधार पर सदर बीडीओ ने आरोपों को खारिज कर दिया. फकुली पंचायत के विद्याशंकर राम की पत्नी ज्ञांति देवी, राजकिशोर राम की पत्नी मीना देवी, एकनाथ राम की पत्नी मंजू देवी, अखिलेश राम की पत्नी मीना देवी ने शिकायत की थी. रिश्वत नहीं देने के कारण इन लोगों का नाम प्रतीक्षा सूची से विलोपित कर दिया गया था. सूची से नाम हटाने में श्रुति प्रकाश के भाई आशीष प्रकाश संलिप्त था. ताजा मामला है कि फकुली पंचायत के जटुआ गांव के सतन राम एवं हरेराम राय ने इंदिरा आवास योजना का लाभ दिलाने के एवज में 10-10 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप ग्रामीण आवास सहायक श्रुति प्रकाश के खिलाफ लगाया है.
दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज : सदर प्रखंड की फकुली पंचायत की ग्रामीण आवासा सहायक श्रुति प्रकाश के खिलाफ बीडीओ विनोद आनंद ने नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है. एकमा प्रखंड की परसा पूर्वी पंचायत के ग्रामीण आवास सहायक आशीष प्रकाश के खिलाफ एकमा थाने में बीडीओ प्राथमिकी दर्ज करायी है. पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
चयन मुक्त करने का मांगा प्रस्ताव : उप विकास आयुक्त सुनील कुमार ने डीएम के आदेश के आलोक में दोनों ग्रामीण आवास सहायकों को चयन मुक्त करने का प्रस्ताव छपरा सदर तथा एकमा के बीडीओ से 24 घंटे के अंदर मांगा है. एकमा बीडीओ से परसा पूर्वी पंचायत के ग्रामीण आवास सहायक आशीष प्रकाश और सदर बीडीओ से फकुली पंचायत की ग्रामीण आवास सहायक श्रुति प्रकाश को चयन मुक्त करने का प्रस्ताव मांगा गया है.
क्या कहते हैं थानाध्यक्ष
ग्रामीण आवास सहायक के खिलाफ रिश्वत मांगने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है और इसकी जांच की जा रही है. प्राप्त आवेदन के साथ संलग्न सीडी का अवलोकन किया जा रहा है. जिन लाभुकों से रिश्वत मांगी गयी है, उनसे भी आरोपों का सत्यापन किया जा रहा है.
रवि कुमार, पुलिस निरीक्षक सह, थानाध्यक्ष, नगर थाना, छपरा
रिश्वत नहीं देने पर केस में फंसाने की धमकी
उप विकास आयुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिये आदेश में कहा है कि वीडियो का अवलोकन करने से स्पष्ट है कि रिश्वत नहीं देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गयी है. सतन राम तथा हरेराम राय को इंदिरा आवास योजना का लाभ दिया जा चुका है. इसी के एवज में श्रुति प्रकाश ने 10-10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की है. रिश्वत मांगने में श्रुति प्रकाश के भाई आशीष प्रकाश की भी सहभागिता है. वह अपनी बहन के लिए लाभार्थियों से रिश्वत मांगते हुए वीडियो में दिखाया गया है.
कई बार हो चुका है स्थानांतरण
फकुली पंचायत की ग्रामीण आवास सहायक श्रुति प्रकाश छपरा नगर थाना क्षेत्र के दहियावां मुहल्ले के निवासी ओमप्रकाश की पुत्री है और उसका भाई आशीष प्रकाश एकमा प्रखंड के परसा पूर्वी पंचायत में ग्रामीण आवास सहायक है. उसके खिलाफ विधायक तथा अन्य जनप्रतिनिधियों ने पूर्व में अनियमितता की शिकायत की थी. शिकायतों के आलोक में एकमा बीडीओ ने आशीष प्रकाश का कई बार स्थानांतरण भी किया है.
