छपरा (सारण) : मां का दूध अमृत के समान है. इसका कोई दूसरा विकल्प नहीं है. उक्त बातें सचिव डॉ मधुलिका तिवारी ने इनर व्हील क्लब की ओर से विश्व स्तनपान पखवाड़ा के उपलक्ष्य में आयोजित संगोष्ठी का उद्घाटन करते हुए कहीं. डॉ तिवारी ने कहा कि नवजात शिशुओं कम से कम छ: माह तक नवजात शिशुओं को केवल स्तनपान कराना जरूरी है. इससे बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होगा. नवजात शिशुओं में कान की बीमारी, एलर्जी, पीलीया वर्ग, नेत्र रोग, पेट की बीमारी नहीं होगी. स्तनपान कराने वाली माताओं में ब्रेस्ट कैंसर, ओवरी कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है. इस अवसर पर डॉ प्रतिमा गुप्ता, अध्यक्ष किरण सहाय, अनुराधा सिन्हा, वीणा शरण, अपर्णा मिश्र, कमल सिंह, उषा विश्वकर्मा, करूण सिन्हा, आशा शरण आदि ने भी अपने-अपने विचार रखे.
मां के दूध का कोई विकल्प नहीं : डॉ मधुलिका
छपरा (सारण) : मां का दूध अमृत के समान है. इसका कोई दूसरा विकल्प नहीं है. उक्त बातें सचिव डॉ मधुलिका तिवारी ने इनर व्हील क्लब की ओर से विश्व स्तनपान पखवाड़ा के उपलक्ष्य में आयोजित संगोष्ठी का उद्घाटन करते हुए कहीं. डॉ तिवारी ने कहा कि नवजात शिशुओं कम से कम छ: माह तक […]
