कार्रवाई. छुट्टी रद्द होने के बावजूद आठ अगस्त को हंगामे के दौरान थे गायब
छपरा (सदर) : वरीय पदाधिकारियों के आदेश के बाद भी मुख्यालय से गायब रहनेवाले रिविलगंज के सीओ असरुद्दीन मियां के निलंबन की अनुशंसा डीएम दीपक आनंद ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव को किया है. साथ ही उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की भी जरूरत जतायी है. इसके अलावे डीएम ने अमनौर प्रखंड के लिपिक संजय कुमार राय को भी बिना सूचना के कार्यालय में अनुपस्थिति रहने के मामले में निलंबित किया है.
प्रधान सचिव को भेजे पत्र में डीएमने लिखा है कि 8 अगस्त की रात्रि लगभग 9 बजे रिविलगंज प्रखंड के सेमरिया गांव में दो गुटों के बीच तनाव की सूचना मिलने के बाद सीओ असरूद्दीन मियां की खोज करने पर वे मुख्यालय से गायब मिले. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएम तथा पुलिस अधीक्षक को खुद ही घटना स्थल पर पहुंचकर स्थिति नियंत्रित करनी पड़ी. रिविलगंज सीओ की लापरवाही से प्रशासन को विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ा.
जांच के दौरान यह भी बात
सामने आयी की रिविलगंज
सीओ बिना सूचना के मुख्यालय से अनुपस्थित है. उनके विरुद्ध प्रपत्र क में आरोप पत्र गठित कर डीएम ने अलग से भेजा है. मालूम हो कि छह अगस्त को छपरा में बंद के दौरान हुए बवाल के बाद डीएम ने सभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की छुट्टी को रद्द करते हुए मुख्यालय में रहने का निर्देश दिया था. साथ ही वैसे पदाधिकारी या कर्मी जो छुट्टी में गये हुए थे, उन्हें भी वापस अपने-अपने मुख्यालय लौटने का निर्देश दिया था. इसके बावजूद रिविलगंज सीओ द्वारा अनाधिकृत रूप से मुख्यालय से गायब रहने की लापरवाही की गयी.
मालूम हो की आये दिन विभिन्न पदाधिकारी अपने पदस्थापन मुख्यालय में नहीं रहकर जिला मुख्यालय या जिले से बाहर रहते हैं. इससे आम जनों को परेशानी होती है.
राजस्व विभाग के प्रधान सचिव से अनुशंसा रिविलगंज के सीओ पर प्रपत्र क गठित
बाजारों में लौटी रौनक सड़कों पर चहल-पहल
उपद्रव मचाने वालों पर पुलिस प्रशासन का शिकंजा भी कसने लगा है. जिले में कई जगहों पर लगातार छापेमारी की जा रही है. अब तक पूरे जिले में 63 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया है. उपद्रवियों के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में 34 प्राथमिकी दर्ज की गयी हैं. प्राथमिकी में नामजद उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी गयी है. पुलिस प्रशासन की कार्रवाई तेज होने से उपद्रवियों में हड़कंप मच गया है और वे घर छोड़कर फरार हो गये है. गिरफ्तारी के लिए दो अपर पुलिस अधीक्षक और पांच एसडीपीओ स्तर के पदाधिकारियों को राज्य सरकार ने प्रतिनियुक्त किया है. प्रतिनियुक्त अपर पुलिस अधीक्षकों में सुशील कुमार, विश्वजीत दयाल, एसडीपीओ भाष्कर रंजन, कुमार बी विरेंद्र, संजीव कुमार, पंकज कुमार तथा मनोज कुमार पांडेय शामिल हैं.
