छपरा (सारण). सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद शुक्रवार से जारी गतिरोध ने सोमवार की सुबह उस समय तूल पकड़ लिया, जब युवतियों और महिलाओं पर फब्तियां कसने का विरोध करनेवाले युवक को मारपीट कर हाथ तोड़ दिया गया. असामाजिक तत्वों ने तीन महिलाओं की पिटाई भी कर दी. यह घटना भगवान बाजार थाने के नया बाजार मुहल्ले की है. इस घटना के बाद स्थिति बिगड़ते देख पुलिस प्रशासन ने बड़े पैमाने पर पुलिस और रैफ के जवानों के तैनात कर दिया है. स्थिति को नियंत्रित करने में पुलिस प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी. पुलिस प्रशासन पहले से ही सतर्क थी. नया बाजार समेत शहर सभी प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा और बढ़ा दी गयी है तथा लगातार चौकसी बरती जा रही है. इसके पहले रविवार की रात में दाउदपुर थाना क्षेत्र के कोहड़ा बाजार और मशरक थाना क्षेत्र के गोढना बाजार पर भी माहौल बिगाड़ने Â बाकी पेज 15 पर
फब्तियाें का किया…
की कोशिशों को पुलिस प्रशासन ने नाकाम कर दिया. रात में ही आइजी ऑपरेशन कुंदन कृष्णन, एडीजीपी आलोक राज, जोनल आइजी सुनील कुमार, डीआइजी अजीत कुमार राय, एसपी पंकज कुमार राज ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. दाउदपुर पुलिस ने दो लोगों को रात में ही गिरफ्तार कर लिया. इसी बीच एकमा पुलिस ने भी दो लोगों को गिरफ्तार किया है. 24 घंटे के अंदर आठ प्राथमिकियां दर्ज की गयी हैं और चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. सोमवार को भी पूरे जिले में निषेधाज्ञा लागू रहा. अगले आदेश तक निषेधाज्ञा लागू रखने का डीएम दीपक आनंद ने आदेश दिया है. सोशल मीडिया पर नियंत्रण के उद्देश्य से इंटरनेट सेवा को भी ठप कर दिया गया है. इंटरनेट सेवा पहले से आठ अगस्त तक ठप रखने का आदेश दिया गया था, जिसे अगले आदेश तक बढ़ा दिया गया है. जिले में सभी निजी व सरकारी स्कूल कॉलेज बंद रहे. स्थिति पर काबू पाने के लिए सारण प्रमंडल के सीवान, गोपालगंज में भी इंटरनेट सेवा को ठप कर दिया गया. पुलिस प्रशासन ने स्थिति पर नियंत्रण के लिए व्यापक पैमाने पर सुरक्षा बलों का प्रबंध किया गया है. जिला बल, बीएमपी, रैफ, सैप, लाठी बल, आइटीबीपी के जवानों को जगह-जगह तैनात किया गया है. नगर थाना और नियंत्रण कक्ष के पास पुलिस बलों, वाहनों के साथ वरीय पुलिस पदाधिकारी आपातकालीन स्थिति से निबटने के लिए मुस्तैद रहे. एसपी पंकज कुमार राज नगर थाना में लगातार जमें रहे और वहीं पूरे जिले की स्थिति पर नजर रखे हुए थे. इंटरनेट सेवा बाधित रहने से निजी संस्थानों में कामकाज ठप रहा. इसका असर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी पड़ा.
