नक्सली एरिया कमांडर ने किया सरेंडर

सफलता. हरिहर सहनी के आत्मसमर्पण में एसएसबी ने िनभायी बड़ी भूमिका छपरा / पानापुर : पिछले छह वर्षों से पुलिस के लिए सिरदर्द बने हार्डकोर नक्सली व एरिया कमांडर हरिहर सहनी ने मंगलवार को एसएसबी के छठी वाहिनी एवं पुलिस प्रशासन के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. हरिहर सहनी के आत्मसमर्पण में एसएसबी की बड़ी भूमिका […]

सफलता. हरिहर सहनी के आत्मसमर्पण में एसएसबी ने िनभायी बड़ी भूमिका

छपरा / पानापुर : पिछले छह वर्षों से पुलिस के लिए सिरदर्द बने हार्डकोर नक्सली व एरिया कमांडर हरिहर सहनी ने मंगलवार को एसएसबी के छठी वाहिनी एवं
पुलिस प्रशासन के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया.
हरिहर सहनी के आत्मसमर्पण में एसएसबी की बड़ी भूमिका थी. मंगलवार को सुबह से ही बसहिया गांव स्थित बरकुलवा गाछी में पुलिस एवं एसएसबी के जवान नक्सली के आत्मसमर्पण की तैयारी में जुटे थे. नक्सली हरिहर सहनी के आत्मसमर्पण के समय एसएसबी के डीआइजी संजय कुमार, वीके वर्मा, सहायक सेना नायक मनीष कुमार, एसपी पंकज कुमार राज, डीएसपी मढ़ौरा अशोक कुमार सिंह, एसडीओ संजय कुमार राय, पानापुर थानाध्यक्ष मनोज कुमार साह सहित बड़ी संख्या में पुलिस के जवान मौजूद थे. आत्मसमर्पण के बाद एसएसबी के डीआइजी संजय कुमार ने कहा कि हमारे ही बीच का एक नौजवान रास्ता भटक गया था. आज वो समाज की मुख्य धारा से जुड़ना चाहता है तो हमें इसका स्वागत करना चाहिए.
समाज की प्रताड़ना से नक्सली बना हरिहर
आत्मसमर्पण के बाद हरिहर सहनी ने कहा कि अक्टूबर 2009 में समाज की प्रताड़ना से तंग होकर वह नक्सली बना था. बाद में कई बार आत्मसमर्पण के बारे में सोचा, लेकिन बिहार पुलिस के चलते ऐसा संभव न हो सका. बिहार पुलिस पकड़ना चाहती थी, लेकिन वह आत्मसमर्पण करना चाहता था. एसएसबी के
पुनर्वास योजना के तहत उसने आत्मसमर्पण किया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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