आफत. बाढ़ का पानी फैलने से फसलें हो रही बरबाद, ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे ग्रामीण
गंडक नदी में बढ़े जल स्तर के कारण कई और इलाकों में पानी घुस गया. इसके चलते ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. मजबूर ग्रामीण गांवों से सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं. पानी से फसलें भी बरबाद हो रही हैं. पशुओं के लिए चारे का संकट होने लगा है.
पानापुर : पिछले 24 घंटे से गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर ने प्रखंड के कई नये इलाकों को अपनी आगोश में ले लिया है. प्रखंड के रामपुररूद्र 161, सारंगपुर, बसहिया, सोनवर्षा, सलेमपुर, पृथ्वीपुर आदि गांवों के निचले इलाकों में पानी भर जाने से लोग पलायन की तैयारी में है. इन इलाकों में लगी धान, मक्के एवं सब्जियों की फसले पूरी तरह डूब गयी हैं. किसान मक्के की फसल को मवेशियों को खिलाने को मजबूर हो गये है. अगले 24 घंटे तक इसी रफ़्तार से जलस्तर में वृद्धि होती रही तो सैकड़ों परिवार पलायन को मजबूर हो जायेंगे एवं उनके समक्ष भूखमरी की समस्या उत्पन्न हो जायेगी.
एसडीपीओ ने किया बांध का निरीक्षण : एसडीपीओ मढ़ौरा अशोक कुमार सिंह ने शुक्रवार को सारण तटबंध का निरीक्षण किया. श्री सिंह सरौजा भगवानपुर स्थित सारण तटबंध के किलोमीटर 76.4 पर बने पानी के दबाव को देखते हुये मौके पर उपस्थित बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक पदाधिकारी विनोद कुमार से ताजा हालात की जानकारी ली. इस बीच होमगार्ड के जवानों द्वारा सारण तटबंध की सतत निगरानी की जा रही है. बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि गंगा नदी का जल स्तर गंडक से ऊपर है. इस कारण पानी की निकासी धीमी गति से हो रहा है. फिलहाल सारण तटबंध को कोई खतरा नहीं है.
गंगा नदी का जल स्तर गंडक से ऊंचा होने के कारण धीमी रफ्तार में निकल रहा पानी
