छपरा : डोरीगंज के निकट गंगा नदी में बालू लदी नाव के डूबने तथा उसे निकालने के क्रम में क्रेन के टूट कर बचाव दल की नाव पर गिरने की घटना के बाद घटनास्थल पर पहुंचे.
अधिकारी व पुलिस पदाधिकारी कुछ देर तक मूकदर्शक बने रहे. हंगामा न हो, इसी का प्रयास करते दिखे. किंतु दुर्घटना में मरे तथा पानी के अंदर डूब चुके शवों को निकालने के प्रति वे लोग पूरी तरह से असहाय दिख रहे थे. दयालचक दियारे के लोगों द्वारा दूसरी नाव लेकर घटनास्थल पर पहुंचने के बाद ही किनारे पर खड़े सदर के सीओ तथा बीडीओ दूसरी नाव से घटनास्थल पर पहुंच सके.
इस दौरान भी विशेष कुछ नहीं हो सका. बाद में एक तीसरी नाव पर गैस कटर लेकर पहुंचे कुछ लोगों द्वारा टूटे क्रेन के हिस्से को काटने का कार्य शुरू किया गया. तब तक संध्या के छह बज चुके थे. इस दौरान अंधेरा छाने लगा था. इससे राहत कार्य में व्यवधान उत्पन्न होने की आशंका व्यक्त की जा रही थी. एसडीपीओ राजकुमार कर्ण घाट पर ही बैठ कर वरीय पदाधिकारियों के पहुंचने का इंतजार कर रहे थे. निर्माण कंपनी के बेस कैंप के सभी कर्मी फरार थे.
