छपरा (सारण) : जिले में साइबर क्राइम से जुड़े कई अजब-गजब कारनामे सामने आये हैं. जिले में वर्ष 2014 में करीब साइबर क्राइम से जुड़े करीब 30 मामले विभिन्न थानों में दर्ज हुए. वहीं, वर्ष 2015 में अब तक साइबर क्राइम के 40 मामले जिले के विभिन्न थानों में दर्ज हुए हैं.
इ-मेल के जरिये
ऐसे मामलों में इ-मेल का उपयोग करते हुए कोई जालसाज ठगी कर लेता है. झांसा, लालच, आश्वासन, फर्जी विज्ञापन समेत अन्य कई हथकंडों का उपयोग ई-मेल के संदेश के जरिये करते हैं.
फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया से
फर्जी एकाउंट से गलत आइडी बनाकर परेशान करना. किसी लड़की के प्रोफाइल या सोशल मीडिया पर मौजूद जानकारी का गलत उपयोग करना. ऐसी जानकारियों का ब्लैकमेल करने के लिए इस्तेमाल करना.
गड़खा थाना क्षेत्र के महम्मदपुर गांव में महेंद्र साह को पांच लाख पाउंड मिलने का इमेल आया, तो वह अपने उत्साह को नहीं रोक पाया और बिना किसी को बताये हुए 17,500 रुपये जमा कर दिये. अपनी खाता संख्या के साथ सभी जानकारी भी भेज दी, लेकिन उसे राशि मिलना तो दूर, अब इसे इमेल पर जवाब भी नहीं मिल रहा है.
छपरा नगर पर्षद के बैंक खाते का चेक बुक गायब कर फर्जी हस्ताक्षर अपने खाते में चेक जमा कर राशि का क्लियरिंग करा लिया गया और राशि क्लीयरेंस होने के उपरांत दूसरे खाते में जमा राशि को ट्रांसफर कर एटीएम के जरिये जालसाजों ने निकासी कर ली. लगभग 54 लाख रुपये के फर्जी तरीके से सरकारी राशि की निकासी कई किस्तों में हो गयी और नगर पर्षद के अधिकारियों को इसकी भनक कई सप्ताह बाद लगी.
शहर के इमली मुहल्ले के राजेश प्रसाद को इमेल पर यह संदेश मिला कि आप को पांच लाख पाउंड इनाम के लिए चुना गया है. इसके लिए इमेल भेजने वालों ने पहले मोबाइल नंबर के साथ पूर्ण विवरण मांगा. पूर्ण विवरण भेजने पर ठगों ने कॉल करके फंड ट्रांसफर शुल्क के रूप में 17,500 रुपये बताये गये खाते में जमा करने को कहा. करीब एक माह पहले उसने राशि जमा कर दी, लेकिन आज तक इसके खाते में वह राशि नहीं आयी और ठगों के मोबाइल पर अब कॉल भी नहीं जा रहा है.
बनियापुर थाना क्षेत्र के हरपुर कराह गांव के सेवानिवृत्त सैनिक ध्रुव देव सिंह के मोबाइल पर कॉल आया कि आपके खाते में काफी दिनों से जमा निकासी नहीं की गयी है. आप अपना खाता नंबर, एटीएम नंबर व पिन नंबर बताएं, उसे फिर से चालू किया जायेगा. बुजुर्ग सैनिक ने फोन करनेवाले का परिचय पूछा, तो उसने अपने को बैंक का अधिकारी बताया तथा उनके दोनों खातों का वितरण ले लिया और उनके दोनों खातों से करीब 18,000 हजार रुपये गायब कर दिये. इसके बाद उन्हें अपनी भूल का अहसास हुआ और वे पछतावा जाहिर कर रहे हैं.
आइटी कानून
देश में साइबर अपराध से निपटने के लिए एक विशेष आइटी कानून, 2008 तैयार किया गया है. इसमें अपराध की प्रकृति के हिसाब से कार्रवाई करने का पूरा प्रावधान दिया हुआ है. हालांकि अमेरिका, कई यूरोपियन देशों की तुलना में यह कानून बहुत सख्त नहीं है. परंतु इसमें भी 6 महीने से 1 साल के बीच दंड देने का प्रावधान दिया गया है. धोखाधड़ी या ब्लैकमेलिंग के बड़े मामलों में सीआरपीसी की धारा लगा कर भी दोषी को कठोर सजा दिलायी जा सकती है. पेनाल्टी करने का भी प्रावधान दिया हुआ है इस कानून में.
