जेपीविवि में मची खलबली
उत्तरपुस्तिका घोटाला मामले में जमानत पर हैं कुलपति
निगरानी के इस कदम से मुश्किलें बढ़ जाने की उम्मीद
छपरा (सारण) : जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ द्विजेंद्र गुप्ता के खिलाफ उत्तरपुस्तिका घोटाले मामले मेंनिगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने कुलाधिपति सह राज्यपाल से अभियोजन चलाने के लिए स्वीकृति आदेश निर्गत करने की मांग की है.
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार मिश्र ने राज्यपाल के प्रधान सचिव को इस आशय का प्रस्ताव भेजा है और निगरानी थाना कांड संख्या 10/2015 में नामजद अभियुक्त कुलपति डॉ गुप्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 19 एवं 1988 की धारा 197 दप्रस में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आरोपित के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (2) सह पठित धारा 13 (1) (डी) 1988 एवं धारा 409, 420, 467, 468, 477 (ए), 34/120 (बी) भादवि के तहत अभियोजन चलाने के लिए आदेश निर्गत करने का अनुरोध किया है.
निगरानी की इस कदम से कुलपति की मुश्किलें बढ़ जाने की उम्मीद है, जिससे विश्वविद्यालय में खलबली है.राज्यपाल सह कुलाधिपति को भेजे गये प्रस्ताव में कहा गया है कि कुलपति गुप्ता के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य पाया गया है. कुलपति के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में परिवादी, वादी तथा विश्वविद्यालय के कर्मियों के बयान, विश्वविद्यालय से प्राप्त अभिलेख, संचिका एवं मेसर्स चंद्रकला यूनिवर्सल प्रा लि, इलाहाबाद से प्राप्त अभिलेख के आधार पर आरोप का गठन किया गया है.
आरोपित पर सरकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए मिलीभगत कर अमानत में खयानत, छलपूर्वक, सुनियोजित षड्यंत्र के तहत बिना निविदा निकाले, कम पेजवाली उत्तर पुस्तिकाओं का क्रय अधिक दर पर करने, अपने पद का दुरुपयोग करने, भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने, सरकारी राजस्व की हानि पहुंचाने का आरोप है.
क्या है मामला
छात्र नेता विश्वजीत कुमार चंदेल की शिकायत पर निगरानी थाने में कुलपति डॉ गुप्ता समेत सात के खिलाफ उत्तरपुस्तिका क्रय मामले में घोटाले का मामला दर्ज है और इसमें अनुसंधान के क्रम में सात और पदाधिकारियों व कर्मचारियों को अप्राथमिकी अभियुक्त बनाया है.
