* सक्रिय हैं कम-से-कम आधा दर्जन अपराधी गिरोह
* अधिकतर गिरोहों में शामिल हैं नट जाति के लोग
* शाम में चलनेवाली ट्रेनों में चोर गिरोह विशेष सक्रिय
सोनपुर/दिघवारा : छपरा-सोनपुर रेलखंड पर यात्रियों के हो रही लगातार चोरी की घटनाओं के बाद यह सवाल खड़ा होने लगा है कि आखिरकार इस रेलखंड पर यात्री कितने सुरक्षित हैं? इस रेलखंड पर सामान के गायब होने की घटनाओं में हुई वृद्धि से ट्रेन के यात्रियों की चिंता बढ़ना लाजिमी है.
विशेष कर शाम में चलनेवाली ट्रेनों में चोर गिरोह सक्रिय है. इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है. भले ही रेल पुलिस सामान चोरों के गिरोह के सरगना को पकड़ कर अपना पीठ ठोकने की कोशिश कर रही हो, मगर हकीकत यही है कि इस रेलखंड पर यात्र करनेवाले यात्री जब तक सकुशल प्लेटफॉर्म पर उतर नहीं जाते हैं, तब तक यात्रियों की सांस अटकी रहती है.
* सामान पर त्रिमूर्ति गिरोह की नजर
सोनपुर- छपरा रेलखंड पर चलनेवाले यात्रियों के कीमती सामान पर चोरों की तिरछी नजर होती है. सूत्र बताते हैं कि इस रेलखंड पर चोरी व लूटपाट की घटनाओं में ‘त्रिमूर्ति’ गिरोह की संलिप्तता रहती है. इंटरसिटी पैसेंजर ट्रेन में चोरी की घटना को अंजाम देने के बाद रेल पुलिस की गिरफ्त में आये राजू मियां व मो. अशरफ ने भी पुलिस के समक्ष बताया कि इस रेलखंड पर अधिकतर घटनाओं को ‘डॉक्टर’ सिपहिया व मुजम्मा के नेतृत्व वाले गिरोह के सदस्य अंजाम देते हैं. अधिकतर सरगना, भगवान बाजार थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में रहते हैं.
* हुए कई खुलासे
पुलिस की तफतीश के बाद कई खुलासे हुए है. सूत्र बताते हैं कि इस रेलखंड पर लगभग आधा दर्जन से अधिक गिरोह सक्रिय हैं, जो प्रतिदिन यात्रियों का अपना निशाना बनाते हैं. रेल पुलिस को इस बात के पुख्ता प्रमाण मिले हैं कि अधिकतर गिरोह में नट सदस्यों की बहुलता है एवं यही नट लोग घटना को अंजाम देते हैं. इंटरसिटी ट्रेन से गिरफ्तार तीन चोर भी नट जाति के थे, जिस कारण पुलिस का शक गहरा गया है.
* कई घटनाओं के उद्भेदन के आसार
इंटरसिटी में घटना को अंजाम देनेवाले शमशेर उर्फ डॉक्टर के उसी दिन रेल पुलिस द्वारा पकड़ लिये जाने से रेल पुलिस राहत महसूस कर रही है. रेल पुलिस को उम्मीद है कि ‘डॉक्टर’ से गहन पूछताछ के बाद रेलवे में पूर्व में हुई कई घटनाओं का उद्भेदन करने में पुलिस सफल होगी.
* कैसे यात्रियों का सामान करते हैं चंपत
पुलिस गिरफ्त में आये अपराधी राजू मियां व मो. अशरफ ने पुलिस की सख्ती के बाद चोरी के तरीकों का खुलासा करते हुए बताया कि वे लोग ऊपरवाली सीट पर बैठ कर पैर फैलाते है एवं बाद में अपने बैग में रखे दो-तीन मोटा तौलिया बिछा देते हैं एवं उसी तौलिए की आड़ में अटैची को मास्टर चाबी से खोल कर सामान गायब कर फिर अटैची बंद कर खिसक लेते हैं.
* शनिवार को मारे जाते सभी अपराधी!
दरअसल शनिवार को दाउदपुर से चली निधि कुमारी के साथ इंटरसिटी में जैसे ही घटना हुई, उसने अपराधियों के पकड़े जाने की सूचना अपने मायकेवाले को दे दी एवं देखते-ही-देखते उसके मायके के सैकड़ों लोग शीतलपुर स्टेशन पहुंच गये. अगर तीनों अपराधी दिघवारा पुलिस द्वारा दिघवारा में न उतारे जाते, तो इन तीनों को वहां की भीड़ चटक जाती.
* ट्रेन में टला बड़ा हादसा
पीड़ित निधि कुमारी के देवर विशाल कुमार ने बताया कि जब यात्रियों ने ‘डॉक्टर’ के भागने के समय विरोध किया, तो उसने रिवॉल्वर तान दिया था. मगर संयोग से ‘मैगजीन’ गिर पड़ी. अगर रिवॉल्वर का ‘मैगजीन’ न गिरती, तो ट्रेन में हादसा हो सकता है.
* चोरी की घटनाओं पर एक नजर
29 अप्रैल, 2013 को सोनपुर-छपरा रेलखंड पर नयागांव व शीतलपुर स्टेशनों के मध्य सोनपुर-छपरा पैसेंजर ट्रेन से मशरक निवासी सुरेश कुमार का लाखों का आभूषण अटैची से गायब. 11 मई, 2013 सीवान से समस्तीपुर जा रही 55022 डाउन इंटरसिटी डाउन पैसेंजर ट्रेन में यात्र कर रही दाउदपुर निवासी राजू सिंह की पत्नी निधि कुमारी की अटैची से 60 हजार का आभूषण गायब. यात्रियों ने तीन को दबोचा.
