30 बढ़ने पर भी सीटें रहेंगी कम

सीटों की अपेक्षा ज्यादा आवेदन से छात्र-छात्राओं के नामांकन को लेकर असमंजस छात्रों की रुचि साइंस सब्जेक्ट में एडमिशन पाने की आर्ट्स के कई विषयों में एडमिशन लेनेवालों का टोटा छपरा : जेपीविवि अंतर्गत विभिन्न कॉलेजों में विगत एक सप्ताह से एडमिशन को लेकर चल रहा हंगामा क्या विवि द्वारा 30 प्रतिशत सीट बढ़ोतरी से […]

सीटों की अपेक्षा ज्यादा आवेदन से छात्र-छात्राओं के नामांकन को लेकर असमंजस
छात्रों की रुचि साइंस सब्जेक्ट में एडमिशन पाने की
आर्ट्स के कई विषयों में एडमिशन लेनेवालों का टोटा
छपरा : जेपीविवि अंतर्गत विभिन्न कॉलेजों में विगत एक सप्ताह से एडमिशन को लेकर चल रहा हंगामा क्या विवि द्वारा 30 प्रतिशत सीट बढ़ोतरी से शांत हो जायेगा. यह एक यक्ष प्रश्न है. सूत्रों की मानें, तो कॉलेजों में कुछ चुनिंदा विषयों में ही एडमिशन के लिए ज्यादा मारा-मारी है.
कॉलेजों में स्नातकस्तरीय कई सब्जेक्ट ऐसे हैं जहां पूर्व से निर्धारित सीट पर भी आधे से भी कम एडमिशन हो पाया है. सीट खाली रह जाने की मुख्य वजह छात्रों की उसमें रुचि नहीं होना बतायी जा रही है. इनमें ज्यादातर सब्जेक्ट आर्ट्स फैकल्टी व लैंग्वेज के हैं, जहां हर साल एडमिशन नहीं होने के कारण अधिकतर सीटें खाली रह जाती हैं.
न कॉलेज को चिंता है, न विवि को : जेपीविवि अंतर्गत कॉलेजों में हर साल कमोबेश यही स्थिति रहती है. किसी विशेष सब्जेक्ट में एडमिशन के लिए यहां मारामारी, तो कई सब्जेक्ट में निर्धारित सीट से भी आधी संख्या में एडमिशन हो पाता है. ऐसे में एक तरफ जिस सब्जेक्ट में सीट फुल हो जाता है,
वहां के शिक्षकों को क्लास लेने से फुरसत नहीं मिलती, वहीं जहां एडमिशन कम है, वहां के शिक्षकों के मजे रहते हैं. हालांकि खाली पड़े सब्जेक्ट को भरने के लिए न तो कॉलेज प्रशासन द्वारा छात्रों का मोटिवेट किया जाता है और न ही विवि प्रशासन द्वारा इस संबंध में कोई निर्देश जारी किया जाता है. ऐसे में यदि पसंदीदा सब्जेक्ट में एडमिशन नहीं मिल पाने की स्थिति में छात्र का दूसरे सब्जेक्ट में खाली पड़ी सीटों पर एडमिशन लेने का मन बनता है, तब भी उसे एडमिशन नहीं मिल पाता है.
सीट बढ़ने से भी समस्या कायम
उधर, सूत्रों की मानें, तो विवि प्रशासन कॉलेजों में 30 प्रतिशत सीट बढ़ोतरी का निर्देश भी देता है, तब भी जिन विषयों में एडमिशन के लिए मारामारी है, वहां कुछ विशेष लाभ नहीं होनेवाला है.
कई कॉलेजों में तो कुछ विषयों में निर्धारित सीटों से दोगुना-तिगुना कौन कहे, 10 गुना आवेदन जमा किये गये हैं. ऐसे में उक्त विषय में यदि विवि प्रशासन 30 प्रतिशत सीट बढ़ा देता है, तो कुछ का एडमिशन तो हो जायेगा, मगर इसके बाद भी सैकड़ों छात्र एडमिशन से वंचित रह जायेंगे.

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