छपरा (नगर) : वैश्वीकरण एवं उदारीकरण के दौर में जहां संगठित क्षेत्र में रोजगार के अवसर कम हो रहे है. वहीं असंगठित क्षेत्रों में पिछले दो दशकों से रोजगार के अवसरों में लगातार इजाफा हो रहा है.
उपरोक्त बातें एडीएम प्रवीण कुमार ने कही. वे सोमवार को शहर के बी सेमिनरी स्कूल में श्रम संसाधन विभाग व अवर प्रादेशिक नियोजनालय छपरा द्वारा आयोजित नियोजन मेला के उद्घाटन के बाद सभा को संबोधित कर रहें थे.
उन्होंने कहा कि श्रम संसाधन विभाग नियोजन मेला के माध्यम से ग्रामीण इलाकों के बेरोजगार युवक युवतियों को रोजगार दिलाने का सार्थक प्रयास कर रहा है. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बी सेमिनरी के प्राचार्य हीरा प्रसाद ने कहा कि नियोजन मेला नियोक्ता कंपनी व रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को एक दूसरे के सामने लाने में महत्ती भूमिका निभाता है. इस मौके पर श्रम अधीक्षक दिलीप भारती, गोपालगंज के नियोजन पदाधिकारी भरत जी राम, सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी विनोद कुमार आदि उपस्थित थे.
नियोजन मेला में प्राइवेट कंपनियों द्वारा लगाये गये अलग-अलग स्टॉल पर रोजगार के लिए अर्हता व वैकेंसी देखने तथा उसके अनुरूप आवेदन जमा करने की युवाओं में होड़ मची रही. नियोजन मेला में पहुंचे दर्जन भर से अधिक नियोक्ता कंपनियों के पास कुल 2382 आवेदन जमा किये गये. बाद में नियोक्ता कंपनियों द्वारा आवेदन की स्कुटनी तथा आवेदकों की इंटरव्यू व जांच के बाद कुल 1153 आवेदकों का चयन करते हुए उनके बीच नियुक्ति पत्र का वितरण किया गया.
राज्य के बाहर से भी आयीं थी कंपनियां : नियोजन मेला में राज्य व राज्य के बाहर से करीब 16 नियोक्ता कंपनियों योग्य अभ्यर्थियों के चयन हेतु मेले में पहुंची थी.
इसमें सिक्यूरिटी क्षेत्र की एसआइएस जी फोर, मीशा, सैम जैसे सिक्युरिटी एजेंसियों के स्टॉल पर शारीरिक रूप से मजबूत युवाओं की कतार नजर आयी तो फायनांस, इंश्योरेंस तथा एग्रो प्रोडक्ट कंपनियों में फील्ड व ऑफिस वर्क के लिए युवकों के साथ युवतियां भी आवेदन जमा कर नौकरी का प्रयास करती नजर आयी.
