गंडामन हादसे में अब तक 24 गवाहों ने दी गवाही

छपरा (कोर्ट) : मशरक के गंडामन धर्मासती विद्यालय में हुए दर्दनाक हादसे में अब तक दो दर्जन गवाहों की गवाही न्यायालय में दर्ज करायी जा चुकी है. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय विजय आनंद तिवारी के न्यायालय में जिन साक्षियों द्वारा अपनी गवाही दर्ज करायी जा चुकी है, उनमें हादसे में बीमार बच्चों के […]

छपरा (कोर्ट) : मशरक के गंडामन धर्मासती विद्यालय में हुए दर्दनाक हादसे में अब तक दो दर्जन गवाहों की गवाही न्यायालय में दर्ज करायी जा चुकी है. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय विजय आनंद तिवारी के न्यायालय में जिन साक्षियों द्वारा अपनी गवाही दर्ज करायी जा चुकी है,
उनमें हादसे में बीमार बच्चों के अलावा मृत बच्चों के परिजनों, हादसे के बाद घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंची विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम द्वारा जब्ती सूची के गवाह बनाये गये ग्रामीण के साथ ही सदर अस्पताल के तीन चिकित्सक एवं गोपालगंज के सिधवलिया स्थित शूगर मिल के सुपरवाइजर समेत अब तक 24 गवाहों की गवाही अभियोजन द्वारा दर्ज करायी जा चुकी है. गंडामन मामले के सत्रवाद संख्या 811/13 में तत्कालीन अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम मो. नइमुल्ला ने नौ जनवरी को आरोप का गठन करते हुए मामले को जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आदेश पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय विनय आनंद तिवारी के न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया था.
इस मामले में 20 फरवरी से गवाही की प्रक्रिया शुरू की गयी. इसमें पहली गवाही गंडामन निवासी रामानंद यादव की हुई, जिनकी पुत्री काजल कुमारी की उक्त हादसे में मौत हो गयी थी. वहीं, 24 वें गवाह के रूप में सदर अस्पताल में चिकित्सक रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को अपनी गवाही दर्ज करवायी. अभियोजन से मिली जानकारी के अनुसार, अभी पीएमसीएच में मृत बच्चों का पोस्टमार्टम करनेवाले चिकित्सक तथा सदर अस्पताल, छपरा के एक चिकित्सक के अलावा केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला तथा विधि विज्ञान प्रयोगशाला, पटना के विशेषज्ञों के साथ ही शूगर मिल के सहायक की गवाही होनी बाकी है.
छपरा (कोर्ट) : मशरक के गंडामन धर्मासती गांव स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में विषाक्त मध्याह्न् भोजन खाने से हुई 23 बच्चों की मौत के मामले में एक चिकित्सक की गवाही दर्ज करायी गयी. गुरुवार को गंडामन मामले की सत्र वाद संख्या 811/13 में अभियोजन द्वारा सदर अस्पताल के चिकित्सक रविशंकर प्रसाद सिंह को साक्ष्य के लिए प्रस्तुत किया गया.
चिकित्सक श्री सिंह ने अपनी गवाही में कहा कि उन्होंने गंडामन हादसे में मृत बच्चों में दो छात्रों और दो छात्राओं का पोस्टमार्टम किया था.
उन्होंने रीता कुमारी, काजल कुमारी तथा रौशन कुमार मिश्र और विकास कुमार का पोस्टमार्टम किया. लोक अभियोजक अजीत कुमार सिंह द्वारा बच्चों की मौत का कारण पूछे जाने पर चिकित्सक ने बताया कि सभी बच्चों की मौत विषाक्त पदार्थ खाने के वजह से हुई थी तथा सभी का विसरा जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला, पटना भेजा गया था.
गवाह का परीक्षण लोक अभियोजक अजीत कुमार सिंह तथा अपर लोक अभियोजक समीर मिश्र ने किया, तो वहीं प्रति परीक्षण बचाव पक्ष के अधिवक्ता भोला प्रसाद और नरेश प्रसाद राय ने किया. साक्ष्य को लेकर गंडामन मामले में आरोपित व कारा बंदी मीना देवी तथा अजरुन राय की न्यायालय में पेशी हुई. न्यायाधीश ने दोनों की न्यायिक हिरासत की अवधि 21 जुलाई तक बढ़ाते हुए उन्हें मंडल कारा भेजने का आदेश दिया.

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