छपरा (सारण) : एक साथ इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद मन्नत उतारने गये पांच दोस्तों को क्या पता था कि यह उनके जीवन की अंतिम यात्र होगी.
उत्तरप्रदेश के बलिया जिले के बैरिया थाने के बैरिया गांव के पांचों छात्र इस वर्ष उत्तर प्रदेश उच्चतर माध्यमिक परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इंटर की परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने के पहले यह मन्नत मांगी थी कि परीक्षा उत्तीर्ण होने पर वे पटना स्थित पटन देवी मंदिर में पूजा-अर्चना करने जायेंगे. परीक्षा उत्तीर्ण होने की खुशी में पांचों युवक मन्नत उतारने के लिए शनिवार को अपने गांव से एक साथ पटना निकले थे और मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद अपने गांव वापस लौट रहे थे. रास्ते में अधिक देर होने के कारण शिवबच्चन चौक, सोनपुर बाइपास में स्थित लाइन होटल में खाना खाने लगे. खाना खाने के बाद पांचों युवक जाइलो में सवार हुए.
वह सोनपुर से प्रस्थान करनेवाले थे, तभी यह हादसा हो गया. पल भर में उनकी उनकी जिंदगी छिन गयी.
गांव में मचा कोहराम :पांचों युवकों की सड़क हादसे में मौत की खबर मिलते ही कोहराम मच गया. रात में ही पांचों युवकों के परिजन सोनपुर के लिए प्रस्थान कर गये. सुबह में सदर अस्पताल में जब पांचों शवों को पोस्टमार्टम के लिए लाया गया, तो वहां भी उनके परिजनों तथा सगे संबंधियों की भीड़ जुट गयी. एक साथ पांच युवकों की मौत ने ग्रामीणों को झकझोड़ कर रख दिया.
पांचों छात्रों के परिजनों की उम्मीदों, जिन्होंने अपने-अपने लाडलों के लिए सपने संजो रखे थे, पर सड़क हादसे ने एक ही झटके में पानी फेर दिया. पांचों छात्र आपस में मित्र थे और एक ही कॉलेज में पढ़ते भी थे. एक साथ पांचों छात्रों ने अच्छे अंक के साथ इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की है.
इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद सभी युवकों को परिजनों ने काफी खुशियां मनायी थीं. जब छात्रों ने अपने परिजनों को बताया कि पटना स्थित पटनदेवी मंदिर में मन्नत उतारने जाना है, तो परिजनों ने इसके लिए सहमति जतायी और सभी एक साथ योजना बना कर मन्नत उतारने पटना गये.
एक साथ उठा जनाजा व अरथी: बैरिया गांव में उस समय काफी मार्मिक स्थिति उत्पन्न हो गयी, जब एक साथ चार मित्रों की अलग-अलग अरथियां उठीं और पांचवें मित्र का जनाजा उठा.
चार मित्रों की अरथी गंगा नदी के किनारे श्मशान घाट पर ले जायी गयीं. वहीं, पांचवें मित्र का जनाजा बैरिया स्थित कब्रिस्तान में दफनाने के लिए लोग ले गये. पांचों जिगरी दोस्तों की इस मौत की भी लोगों में चर्चा होती रही. लोग गमगीन थे, फिर भी उन पांचों की दोस्ती पर चर्चा करने से अपने को नहीं रोक पा रहे थे.
