सूरतेहाल : गांधी चौक से मौना चौक आने में राहगीरों को होती है काफी परेशानी

डीएम के आदेश के बावजूद आरसीडी ने नहीं बनवायी सड़क एक माह पूर्व डीएम ने कार्यपालक अभियंता को गांधी चौक से पश्चिम नगरपालिका चौक तक आनेवाली सड़क की मरम्मत का दिया था निर्देश बारिश से बढ़ गयी परेशानी छपरा (सदर) : शहर की कुछ सड़कों की स्थिति इतनी खराब हो गयी है कि लोग उधर […]

डीएम के आदेश के बावजूद आरसीडी ने नहीं बनवायी सड़क
एक माह पूर्व डीएम ने कार्यपालक अभियंता को गांधी चौक से पश्चिम नगरपालिका चौक तक आनेवाली सड़क की मरम्मत का दिया था निर्देश
बारिश से बढ़ गयी परेशानी
छपरा (सदर) : शहर की कुछ सड़कों की स्थिति इतनी खराब हो गयी है कि लोग उधर से गुजरने से हिचकिचाते हैं. बारिश ने नगर पर्षद के सारे दावों की पोल खोल कर रख दी.
छपरा शहर की सौंदर्यीकरण योजना के तहत नगर पर्षद प्रशासन ने नगरपालिका चौक से गांधी चौक समेत कई सड़कों पर एलक्ष्डी लाइट से रात्रि के दौरान रोशनी से सड़कों को जगमगाने तथा विभिन्न चौक-चौराहों को सतरंगी रोशनी से नहाने का कार्य तो किया, परंतु गांधी चौक से मौना चौक व नगरपालिका चौक के बीच सड़क, जिसमें गांधी चौक से कटहरीबाग की ओर मुड़नेवाली तथा नगरपालिका चौक से सटे पूरबवाली सड़क गंदे जल की झील के रूप में तब्दील हो गयी है.
इस मार्ग से पैदल चलने वाले या वाहनों से गुजरने वाले राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस मार्ग से छपरा शहर में आनेवाले राज्य सरकार के वरीय पदाधिकारियों, मंत्री व विधायकों को भी इस सड़क से रू -ब-रू होना पड़ता है. परंतु, किसी ने जनता की इन समस्या को समझने की जरूरत नहीं जतायी.
अधिकारी दिखा रहे उदासीनता
जन समस्याओं से जुड़े मामलों में भी आये दिन विभागीय पदाधिकारी डीएम के आदेश को नजरअंदाज करने से बाज नहीं आते हैं. इससे एक ओर आम जन प्रतिदिन परेशान होते हैं, दूसरी ओर पदाधिकारियों की कार्यशैली भी झलकती है.
अधिकारियों की उदासीनता से साइकिल, मोटरसाइकिल व पैदल चलनेवाले राहगीर इन गड्ढों में गिर कर घायल होते रहते हैं. मामला छपरा शहर के गांधी चौक से मौना चौक से सीधी आनेवाली सड़क का है. 300 मीटर की दूरी में दर्जन भर एक से डेढ़ फुट बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील इस सड़क को बनाने के लिए डीएम दीपक आनंद ने मई के अंतिम सप्ताह में साप्ताहिक बैठक के दौरान पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को आम जनों की समस्याओं को देखते एक सप्ताह के भीतर इस सड़क को निर्मित कराने का आदेश दिया था.
परंतु, अबतक इस सड़क की दशा सुधारने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया. इसके उलट इसकी स्थिति बदतर होती गयी. परंतु, आरसीडी के कार्यपालक अभियंता व प्रशासन ने इस ओर देखने की जरूरत नहीं समझी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >