01 जुलाई को राजभवन का आ सकता है फैसला
छपरा (नगर) : राजभवन द्वारा जेपीविवि के कुलपति प्रो द्विजेंद्र गुप्ता को तलब किये जाने तथा इस दौरान गवर्नर के कड़े रूख को देखते हुए कुलपति द्वारा पूर्व से जारी कई आदेशों के वापस लिये जाने की उम्मीद काफी बढ़ गयी है.
वैसे चर्चा है कि राजभवन द्वारा कुलपति के कार्रवाई संबंधी शिकायतों की सुनवाई के लिए निर्धारित समय एक जुलाई के पूर्व ही कुलपति अपने विवादित आदेशों को संभवत: वापस ले सकते हैं. मालूम हो कि जेपीविवि के कुलपति द्वारा प्राचार्य डॉ शंभु कुमार, प्राचार्य डॉ प्रमेंद्र रंजन सिंह, विवि के इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ अशोक कुमार सिंह, पूर्व कुलसचिव व मनोविज्ञान विभाग के प्राध्यापक प्रो विजय प्रताप कुमार के स्थानांतरण कर दिया गया था. वहीं, राजेंद्र कॉलेज के तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य डॉ राम अयोध्या सिंह को उनके पद से हटा दिया गया था.
कुलपति के आदेश को चुनौती : जेपीविवि के कुलपति के स्थानांतरण व पद से हटाये जाने के आदेश को नियम विरुद्ध बताते हुए कार्रवाई की जद में आये उपरोक्त सभी प्राचार्य व प्राध्यापकों द्वारा कुलाधिपति से शिकायत की गयी थी, जिस पर राजभवन ने आदेश जारी कर कुलपति के आदेश को रद्द कर पूर्ववत स्थिति बनाये रखने का निर्देश दिया. हालांकि यह और बात है कि राजभवन के निर्देश के बावजूद जेपीविवि में उक्त आदेश का पालन ही नहीं हुआ.
पूर्व कुलाधिपति के कार्यकाल में रद्द किये गये थे आदेश : विगत 24 जून को राजभवन में जेपीविवि के कुलपति के आदेश के विरुद्ध शिकायत करनेवाले प्राचार्य व प्राध्यापकों की उपस्थिति में कुलाधिपति द्वारा स्वयं मामले की सुनवाई की गयी. ऐसे तो राजभवन के अधिकतर आदेश, जिसे विवि द्वारा पालन नहीं किया गया. वे तत्कालीन कुलाधिपति डॉ डीवाइ पाटिल के कार्यकाल में दिये गये थे. हालांकि कुछ आदेश वर्तमान कुलाधिपति के कार्यकाल में भी दिये जिसका भी पालन अभी तक नहीं हो पाया है.
