सिर्फ सदर अस्पताल में सर्पदंश का इलाज

छपरा : बरसात का मौसम शुरू होते ही जिले में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ गयी है. प्रतिदिन पांच से सात लोग सर्पदंश के शिकार हो रहे हैं. बाढ़ आना अभी बाकी है, लेकिन जिले में सर्पदंश के शिकार होनेवाले मरीजों की संख्या काफी बढ़ गयी है. सदर अस्पताल को छोड़ कर जिले के अन्य अस्पतालों […]

छपरा : बरसात का मौसम शुरू होते ही जिले में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ गयी है. प्रतिदिन पांच से सात लोग सर्पदंश के शिकार हो रहे हैं. बाढ़ आना अभी बाकी है, लेकिन जिले में सर्पदंश के शिकार होनेवाले मरीजों की संख्या काफी बढ़ गयी है. सदर अस्पताल को छोड़ कर जिले के अन्य अस्पतालों में सर्पदंश की दवाएं नहीं मिल रही हैं. सदर अस्पताल में भी पर्याप्त मात्रा में दवाएं नहीं मिल रही हैं. इस वजह से सदर अस्पताल में उपचार के लिये आनेवाले सर्पदंश के पीड़ितों को पीएमसीएच पटना रेफर करना पड़ रहा है. हालांकि सर्पदंश से पीड़ित किसी भी मरीज की मौत उपचार के अभाव में नहीं हुई है.

* चार से पांच इंजेक्शन लगाये जाते हैं मरीजों को : सरकारी अस्पतालों में सर्पदंश निरोधी इंजेक्शन नहीं रहने के कारण मरीजों को बाजार से दवा खरीदने को विवश होना पड़ रहा है. सर्पदंश निरोधी इंजेक्शन के एक वायल की कीमत बाजार में करीब 1200 रुपये है. अत्यधिक विषैले सर्प द्वारा डंसने पर एक मरीज को चार-पांच इंजेक्शन लगाने पड़ते हैं. सामान्य तौर पर सर्पदंश के शिकार मरीज को एक इंजेक्शन लगाया जाना जरूरी है. फिलहाल सप्ताह में 8-10 वायल इंजेक्शन सदर अस्पताल को मिल रहा है. जबकि प्रतिदिन यहां चार-पांच वायल की खपत है.
* क्या है वजह : राज्य स्वास्थ्य समिति के द्वारा दवा का लाभ नहीं दिये जाने के कारण कई माह से सर्पदंश निरोधी दवा की आपूर्ति नहीं की जा रही है. इस वजह से पूरे जिले में दवा के लिए हाहाकार मचा हुआ है. पहले से स्टॉक में रखी गयी दवाएं खत्म हो गयीं. अब लोकल स्तर पर दवाएं खरीद कर आपूर्ति की जा रही हैं. आपूर्ति की जा रही दवा की मात्रा काफी कम है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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