छपरा : रहमतों, बरकतों व मगफेरत के महीने रमजान का चांद गुरुवार को देखे जाते ही शुक्रवार से रोजा शुरू होने का एलान कर दिया गया. पूरे एक माह तक मुसलमान भाई सुबह सादिक से लेकर सूरज डूबने तक खाने व पीने से स्वयं को रोक कर उपवास करेंगे. रमजान को अल्लाह के पसंदीदा महीनों में शुमार किया जाता है.
इस माह में अल्लाह अपने नेक बंदों के लिए इबादत के एवज में रहमत अता करते हैं. उसके रोजी-रोजगार में व घरों में बरतक नाजिल होती है और अल्लाह अपने बंदों की मगफेरत भी फरमाता है.
बाजारों में बढ़ी रौनक : चांद देखे जाते ही शहर व कस्बों की बाजारों में रौनक का माहौल पैदा हो गया. शुक्रवार से रोजा रखने की तैयारी में लोग बाजारों में खरीदारी में मसरूफ हो गये.
शनिवार की सुबह तीन बज कर 24 मिनट पर लोग पहला सहरी खायेंगे. सहरी की तैयारी के लिए लोग बाजारों में नान रोटी, फल, फिरनी, सेवई व मिठाइयां खरीदते दिखे. वहीं, सहरी के लिए कुछ लोग दूध के इंतजाम में भी लगे. कुछ लोग इफ्तार की तैयारी के लिए खजूर, फल चना, पकौड़ों के लिए बेसन, चना दाल आदि की खरीदारी में भी मसरूफ रहे. वहीं, नन्हें बच्चे भी रोजा रखने की तैयारी करते दिखे.
