तिहरा हत्याकांड : प्रत्यक्षदर्शी मंजीत सिंह ने कोर्ट में दी गवाही
चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच कोर्ट पहुंचा गवाह
वर्ष 2011 के जुलाई में हुई थी घटना
पूर्व में गवाही में हुआ था कोर्ट में बम से हमला
छपरा (कोर्ट) : चार वर्ष पूर्व शहर के विंध्यवासिनी भवन में हुए तिहरे हत्याकांड मामले के प्रत्यक्षदर्शी गवाह ने न्यायालय में अपनी गवाही दर्ज करवायी. मंगलवार की सुबह तिहरे हत्याकांड मामले के सत्रवाद संख्या-107ए12 में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ सतीश चंद्र राय के न्यायालय में गवाही देने के लिए प्रत्यक्षदर्शी गवाह गड़खा थाना क्षेत्र के पीठाघाट बैकुंठपुर निवासी मंजीत सिंह प्रस्तुत हुआ.
अपनी गवाही में मंजीत ने 20 जुलाई, 2011 की दोपहर विंध्यवासिनी भवन में हुई घटना के संबंध में पूरी बात बतायी. उसने कहा कि हमलावर एके 47 से फायरिंग कर रहे थे, जिसवजह से वह डर कर कमरे के कोनामें छिप कर सारी घटना को देख रहाथा. जब हमलावर बाहर चले गये, तो वह निकला.
उसने देखा कि कमरे में पानापुर थाना क्षेत्र के सतजोड़ा के मुखिया देवेंद्र सिंह तथा अवतार नगर थाना क्षेत्र के झौवा बसंत निवासी मणिभूषण सिंह अपने वाहन के चालक दिनेश यादव के साथ गोलियों से छलनी हो मृत पड़े हैं. कुछ देर बाद ही वहां नगर थाना पुलिस आयी और उसका बयान लिया. फिर उसे थाने ले गयी तथा पुलिस सुरक्षा में उसे घर भेज दिया गया. मंजीत की गवाही को लेकर न्यायालय परिसर में पूरी चाक-चौबंद व्यवस्था थी.
मंजीत को न्यायालय लाने के लिए गड़खा व अवतार नगर थानाध्यक्ष पुलिस टीम के साथ आये थे, जबकि कोर्ट में नगर थाने की पुलिस भी मुस्तैद थी. ज्ञात हो कि 19 सितंबर, 2014 को मंजीत सिंह की गवाही होनी थी, इसको लेकर मंजीत सिंह एवं हत्याकांड के सूचक शशिभूषण सिंह न्यायालय में वाहन से उतरे ही थे कि अपराधियों ने उन पर बमों से हमला कर दिया था.
उक्त घटना में शशिभूषण मामूली रूप से जख्मी हुए थे जबकि मंजीत बाल-बाल बच गया था. उक्त मामले के सूचक भी शशिभूषण सिंह हैं. न्यायालय में गवाह का प्रति परीक्षण बचाव पक्ष के अधिवक्ता हरिमोहन सिंह तथा ब्रजेश कुमार ने किया.
