छपरा (नगर) : सभी चौक -चौराहों पर के सौंदर्यीकरण व स्ट्रीट लाइट के माध्यम से शहर के चकाचक बनाने का जिला प्रशासन की कवायद तो काबिले तारीफ है, लेकिन इस भीषण गरमी में बस व ऑटो व इंतजार करनेवाले यात्रियों के लिए कहीं भी यात्री शेड नहीं बनाये गये हैं.
बहरहाल इस भीषण गरमी में यात्री चाहे बसस्टैंड पर हों या फिर शहर का टेंपो स्टैंड पर. वे कड़ी धूप में पसीने से तर-बतर होकर वाहनों का इंतजार करते नजर आते हैं. पुरुष तो फिर भी किसी दुकान या फिर अन्य जगहों पर खड़ा होने की जगह ढूंढ लेते हैं. लेकिन, यात्री शेड नहीं रहने की वजह से सबसे ज्यादा समस्या महिलाओं और बच्चों को होती है.
शहर में कहीं नहीं है यात्री शेड
जिला मुख्यालय होने के कारण छपरा में शहर से लेकर सुदूर ग्रामीण इलाकों के हजारों लोग विभिन्न कार्यो से तो पहुंचते ही हैं, सीवान व गोपालगंज से भी बड़ी संख्या में लोग आते हैं. शहर में यात्री शेड नहीं रहने की वजह से बस व ट्रेन से उतरने के बाद ऑटो स्टैंड पर उन्हें खुले में ही ऑटो का इंतजार करना पड़ता है.
सड़क पर ही चलते हैं सभी स्टैंड
शहर के बीच स्थित बस स्टैंड में प्रतिदिन हजारों की संख्या में पटना, रांची, जमशेदपुर, सिल्लीगुड़ी, सीवान, गोपालगंज से यात्री यहां उतरते हैं. लेकिन, यहां यात्रियों के खड़े होने या बसों के इंतजार के लिए यात्री शेड नहीं बनाये गये हैं.
यही स्थिति ग्रामीण इलाकों में जानेवाले बसों व अन्य यात्री वाहनों का ठहराव स्थल साढ़ा ढ़ाला स्टैंड, नेहरू चौक बस स्टैंड व गांधी चौक स्टैंड की है. कहीं भी यात्री शेड नहीं हैं.
अनुपयोगी यात्री शेड
वर्तमान में शहर के भिखारी चौक के समीप नाले के ऊपर बना यात्री शेड जजर्र स्थिति में है, तो शिशु पार्क के समीप लायंस क्लब द्वारा बनाया गये शेड के समीप ऑटो स्टैंड नहीं होने के कारण अनुपयोगी साबित होता है. उधर, कुंवारे पीर बाबा के समीप निर्मित यात्री शेड में श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण यात्री इसका कम ही उपयोग कर पाते हैं.
