पुरानी रंजिश साधने का बहाना बन रही है बरात
छपरा (सारण) : शादी-विवाह के दौरान ¨हसक झड़प की बढ़ती वारदातों से विधि – व्यवस्था की गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है और पुलिस-प्रशासन के लिए मुसीबत उत्पन्न हो रही है.
खासकर बरात में ऑर्केस्ट्रा पार्टी के नृत्य और शराब के बढ़ते प्रचलन से यह स्थिति उत्पन्न हो रही है, जो चिंता का गंभीर विषय बन गया है. आये दिन ऑर्केस्ट्रा पार्टी के नृत्य के दौरान बरात में मारपीट की घटनाएं हो रही हैं.
कहीं, बरातियों को गांववालों द्वारा पीटा जा रहा है तो, कहीं कन्या पक्ष और वर पक्ष के बीच ¨हसक झड़प होना आम बात हो गयी है. इन घटनाओं के कारण बिना शादी- विवाह के ही बरात वापस लौट रही है.
बरात बन रही पुरानी रंजिश निकालने का बहाना : पुरानी रंजिश के कारण बरात के दौरान मारपीट करने का बहाना बन रहा है. बरात जानेवाले पहले से इसके लिए तैयार नहीं रहते हैं जबकि दुश्मनी वश बदला लेने वाले इसकी तैयारी करके जाते हैं जो कोई न कोई बहाना बना कर उलझ जाते हैं और पुरानी दुश्मनी के कारण बदला लेते हैं. इस दौरान न केवल मारपीट हो रही है, बल्कि हत्या भी हो रही है.
खुशी का माहौल गम में बदला : दुल्हन की चाचा की हत्या के बाद खुशी का माहौल गम में बदल गया. कन्यादान कर घर से निकले अशोक साह का शव ही वापस लौटा. अशोक साह असम राज्य के शीला पाथर में व्यवसाय करता था. वह अपनी भतीजी की शादी में घर आया.
आठ भाइयों में एक अशोक साह अपनी भतीजी रिंकी को काफी मानता था जिससे उसने ही कन्या दान करने की बात परिजनों से कही थी. परिजनों ने भी सहमति दे दी. अशोक व उसकी पत्नी ने कन्या दान किया. कन्यादान के बाद अशोक अपनी पत्नी से कुछ बात भी नहीं कर सका था.
क्या कहते हैं थानाध्यक्ष
हत्या की प्राथमिकी आधा दर्जन लोगों के खिलाफ दर्ज की गयी है और शव का पोस्टमार्टम करा कर परिजनों को सौंप दिया गया है. हत्या का कारण रुपये का लेन-देन तथा भूमि विवाद है. पुलिस इसकी जांच कर रही है और आरोपितों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है.
अजय कुमार पासवान
थानाध्यक्ष, तरैया
