छपरा (सदर) : विगत आठ वर्षो से ज्यादा समय से उन्नयन कार्य अधूरा पड़ा था. लेकिन, छपरा कचहरी स्टेशन के दिन बहुरने की उम्मीद जगी है. रेलवे ने इस अधूरे मुख्य भवन के उन्नयन कार्य को पूरा करने के लिए 47 लाख रुपये का कार्यादेश दिया है. अब टेंडर की प्रक्रिया के बाद शीघ्र ही अधूरा कार्य पूरे होने की उम्मीद जगी है.
गुणवत्ता पर उठे सवाल
रेल द्वारा अब तक कराये गये कार्यो की गुणवत्ता को लेकर प्रारंभ से ही सवाल उठते रहे हैं. अब जब विभाग ने इसके मुख्य भवन के निर्माण तथा अन्य कार्यो के लिए राशि स्वीकृत की है, तो पूर्व में हुए कार्यो की गुणवत्ता व उस ढांचे पर नये निर्माण को लेकर भी चर्चाएं हैं.
अब तक अधूरे पड़े निर्माण कार्य में कई जगह दीवारों में दरारें आ गयीं. हालांकि वरीय पदाधिकारियों के आगमन को लेकर विभाग के स्थानीय पदाधिकारियों द्वारा बाहर से प्लास्टर एवं रंगरोगन करा दिया गया है तथा छपरा कचहरी स्टेशन लिखवा भी दिया गया है परंतु, वास्तव में मुख्य भवन की दीवार व छतों का न तो प्लास्टर हुआ है और न कई निर्माण कार्य हुआ है. वहीं, दरवाजे व खिड़कियां भी नहीं लग पायी हैं, जिसे लेकर लगातार चर्चाएं रही हैं.
होंगे ये कार्य
छपरा कचहरी स्टेशन के भवन व अन्य अधूरे कार्य को पूरा करने के लिए विभाग ने कार्य योजना बनाते हुए कार्यादेश दिया है. इस कार्य के पूरा करने के लिए शीघ्र ही टेंडर की बात स्थानीय पदाधिकारी बताते हैं. इसके तहत अधूरे मुख्य भवन का निर्माण कार्य, प्लेटफॉर्म नंबर एक पर यात्री शेड तथा स्टेशन परिसर के विभिन्न कार्यो की मरम्मत की योजना है.
मनाया जा रहा रेल उपभोक्ता पखवारा, यात्री बेहाल: एक ओर रेल यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे द्वारा रेल उपभोक्ता पखवारा मनाया जा रहा है. दूसरी ओर, छपरा कचहरी स्टेशन से यात्रा करने वाले कम-से-कम 15 से 20 हजार यात्री रेलवे की कारगुजारियों व सुविधाविहीन होने से बेहाल हैं.
एक ओर इस भीषण गरमी में छपरा कचहरी स्टेशन के यात्रियों को बिना यात्री शेड के डाउन लाइन पर ट्रेनों का इंतजार करना पड़ता है, तो कमोबेश प्लेटफॉर्म नंबर एक पर भी यात्री शेड नगण्य है. इसी प्रकार यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे द्वारा तीन माह पूर्व स्टेशन के बाहरी परिसर में कम-से-कम पांच शौचालयों का निर्माण कराया गया, परंतु यात्रियों को सुविधा देने के बदले उद्घाटन के नाम पर ताला लटक रहा है.
वैसी स्थिति में इस स्टेशन से यात्रा करनेवाले यात्रियों खास कर महिला यात्रियों को भारी परेशानी होती है. वहीं, इस स्टेशन पर अपनी जान जोखिम में डाल कर रेल यात्री तीन फुट नीचे रेल पटरी पर आने-जाने व यात्रा करने को विवश हैं.
छपरा कचहरी स्टेशन के उपरिगामी पैदल पुल का निर्माण शीघ्र : छपरा कचहरी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एकसे प्लेटफॉर्म नंबर दो तथा तीन पर जानेवाले यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर रेलवे ने नये उपरिगामी पैदल पुल निर्माण की योजना तैयार कर ली है. इसकी निविदा भी निकल गयी है. इसके अनुसार, नौ माह में इस निर्माण कार्य को पूरा करना है.
मालूम हो कि वर्तमान जजर्र उपरिगामी पुल को रेल विभाग द्वारा बंद कर दिये जाने के कारण यात्रियों को कानून तोड़ कर एवं भारी हादसे के भय के बीच प्लेटफॉर्म नंबर एक से तीन नंबर डाउन पटरी पर जाकर ट्रेनों को पकड़ने की मजबूरी है. इससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
हालांकि, स्थानीय पदाधिकारी पूछे जाने पर कहते हैं कि यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर तीन नंबर डाउन पटरी पर जाकर ट्रेनों को पकड़ने के लिए ‘पाथ वे’ बनाया जायेगा. पदाधिकारी भी मानते हैं कि पुल बंद होने तथा पाथ वे नहीं होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी होती है.
