छपरा (सारण) : स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर कार्यरत कर्मी भी सोमवार से हड़ताल पर चले गये और सेवा स्थायी करने तथा वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर समाहरणालय के समक्ष प्रदर्शन किया. हड़ताली कर्मियों ने मांगों के समर्थन में डीएम को ज्ञापन सौंपा.
स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर राज्यव्यापी आंदोलन के तहत संविदाकर्मियों ने सदर अस्पताल परिसर से शहर में जुलूस निकाला. जुलूस विभिन्न मार्गो से होते हुए समाहरणालय पहुंचा. वहां संविदाकर्मियों ने प्रदर्शन किया. शहर के डाक बंगला रोड, थाना चौक, नगरपालिका चौक का भ्रमण किया.
जुलूस का नेतृत्व संघ के संयोजक रमेश प्रसाद ने किया. प्रदर्शन में राजेश्वर प्रसाद, मो इमरान, सुनील कुमार, सुशील कुमार, अनिल कुमार, अनिश गुणाकर, अनिल कुमार गुप्ता, पीयूष कुमार, बंटी कुमार रजक, श्वेताभ कुमार, विश्वजीत सिंह, मनोज गुप्ता, अनुज कुमार गुप्ता, ऋचा कुमारी, गौरव कुमार, वीजेंद्र सिंह, राकेश कुमार, मनोज कुमार समेत सैकड़ों कर्मियों ने भाग लिया. प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए श्री राजेश्वर ने कहा कि मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि सेवा स्थायी करने तथा वेतनमान बढ़ाने की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन प्रथम दिन पूर्णत: सफल रहा.
प्रमंडलीय क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई, जिला स्वास्थ्य समिति, प्रखंड स्वास्थ्य समिति के अधीन संविदा पर कार्यरत सभी कर्मी आंदोलन के प्रति एकजुट हैं. उन्होंने कहा कि प्रमंडल स्तर तक का कामकाज ठप है.
किसान सलाहकारों ने किया कार्य का बहिष्कार : राज्य व्यापी आंदोलन के तहत किसान सलाहकारों ने 12 वें दिन भी हड़ताल को जारी रखा और कार्यो का बहिष्कार किया. कृषि विभाग की ओर से आयोजित खरीफ महोत्सव महा अभियान में किसान सलाहकार शामिल नहीं हुए.
इस वजह से महा अभियान के आयोजन पर प्रतिकूल असर पड़ा. संघ के उपाध्यक्ष भानू प्रताप सिंह ने बताया कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि सभी किसान सलाहकार आंदोलन के प्रति एकजुट हैं. उन्होंने कहा कि सभी किसान सलाहकार आंदोलन के प्रति एकजुट हैं.
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की वादाखिलाफी के कारण किसान सलाहकारों को हड़ताल करना पड़ा है. कृषि योजनाओं का कार्यान्वयन ठप रहने से खरीफ फसल का लक्ष्य के अनुरूप उत्पादन होने पर संकट उत्पन्न हो गया है. बावजूद इसके राज्य सरकार उदासीन बनी हुई है. इस वजह से किसानों को परेशानी हो रही है, जिससे वे आक्रोशित हैं.
पंचायत रोजगार सेवकों की हड़ताल जारी : जिले के सभी पंचायत रोजगार सेवकों की हड़ताल सोमवार को भी जारी रही. पंचायत रोजगार सेवकों ने कार्य का बहिष्कार किया और योजनाओं का कार्यान्वयन ठप रखा. इस वजह से मनरेगा का कार्यान्वयन ठप रहा.
