सावधान, लापरवाही ले लेगी आपकी जान

सड़क दुर्घटनाओं में इजाफे से बढ़ी हैं हर किसी की मुश्किलें सड़क दुर्घटनाओं में तेजी से इजाफा होने के कारण हर किसी की मुश्किलें बढ़ी हैं.वाहन सवार चालकों की लापरवाही से कई की जानें जा चुकी हैं, तो कई यात्री घायल होकर मौत से जूझ रहे हैं. दुर्घटनाओं ने कहीं उत्सवी माहौल को मातम में […]

सड़क दुर्घटनाओं में इजाफे से बढ़ी हैं हर किसी की मुश्किलें
सड़क दुर्घटनाओं में तेजी से इजाफा होने के कारण हर किसी की मुश्किलें बढ़ी हैं.वाहन सवार चालकों की लापरवाही से कई की जानें जा चुकी हैं, तो कई यात्री घायल होकर मौत से जूझ रहे हैं.
दुर्घटनाओं ने कहीं उत्सवी माहौल को मातम में बदला है, तो किसी परिवार से उसका इकलौता छीन कर, ताउम्र नहीं भूलनेवाला गम दे गया है. अधिकतर दुर्घटनाएं लापरवाही की वजह से हो रही हैं. यात्रियों द्वारा सड़क यातायात के नियमों की अनदेखी कर मौत को न्योता दिया जा रहा है. आखिरकार कितनी मौतों के बाद यात्री सबक लेंगे और कब समङोंगे कि जान है, तो जहान है.
दिघवारा : सड़क दुर्घटनाओं में तेजी से वृद्धि हर किसी के लिए परेशानियों का सबब बन गयी है. शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरता है, जब सड़क दुर्घटना में यात्री की मौत की खबर नहीं मिलती हो. छपरा-पटना मार्ग को अलावा शीतलपुर-परसा, मानपुर, गड़खा, व गड़खा-छपरा मार्ग इन दिनों हादसों का मार्ग बन गया है.
कमोबेश ऐसा देखा गया है कि सड़क दुर्घटनाओं का मूल कारण चालकों की लापरवाही व सड़क यातायात के नियमों का उल्लंघन है. कहीं, बाइक की तेज रफ्तार ने किसी की जान ले ली, तो कहीं नशे में धुत ड्राइवर ने अपने साथ यात्रियों को भी मुसीबत में डाल गया.
सड़कों पर गुजरनेवाले वाहनों पर गौर करेंगे, तो आपको साफ दिखेगा कि कई वाहनों के चालक अंडर एज हैं फिर भी वाहनों पर यात्रियों का बैठा कर नियमों को ठेंगा दिखा रहे हैं. ऐसे चालक कब किसकी मौत के जिम्मेवार बन जाये, कहा नहीं जा सकता है. बाइक सवार बिना लाइसेंस व हेलमेट के सरपट दौड़ लगाते है, मगर कोई पूछनेवाला नहीं है. तेज रफ्तार में वाहन चलाने का शौक भी दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बनता है.
अधिकतर बाइक सवार नहीं लगाते हैं हेलमेट
सड़क पर गुजरनेवाले अधिकतर बाइक सवारों के पास हेलमेट नहीं होता है. कुछ बाइक सवारों की बाइकों पर हेलमेट होता भी है, तो पीछे के सवार के हाथों में रखा या फिर बाइक के पिछले हिस्से में टंगा मिलता है.
इतना ही नहीं, पटना व छपरा जानेवाले बाइक सवारों के पास ही हेलमेट नजर आता है. ऐसा लगता है कि बाइक सवार अपनी जान के सुरक्षित बचाव के लिए नहीं, बल्कि पुलिसिया कार्रवाई से बचने के लिए हेलमेट का प्रयोग करते हैं. ऐसा ही सोच बाइक सवारों को मुसीबत में डालता है.
कई बार ऐसा देखा गया है कि सड़क हादसों में मौत के शिकार हुए यात्रियों के पास अगर हेलमेट होता, तो उसकी जान बच सकती थी.
नाबालिग चालकों की बढ़ रही है संख्या
बाइक से लेकर टेंपो चलानेवालों में नाबालिगों की संख्या बढ़ी है. ऐसे ही चालक पहले सड़कों पर वाहनों को लेकर निकलते हैं, फिर दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं. अंडर ऐज चालकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं के बराबर होती है. इस कारण चालक बेफिक्र होकर सड़कों पर वाहनों को सरपट दौड़ाते रहते हैं.
वहीं, दूसरी ओर वैवाहिक आयोजनों में शराब का उपयोग तेजी से बढ़ा है. लिहाजा, शादी में जानेवाले चालक पहले शराब पीकर पूरी मस्ती करते हैं, फिर नशे में धुत होकर गाड़ी चलाकर लापरवाही बरतते हुए दूसरों की मौत का कारण बन जाते हैं.

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