अवतार नगर थाना क्षेत्र के फुलवरिया टोले के पास पिकअप व बाइक में टक्कर
दिघवारा : छपरा-पटना मुख्य सड़क पर अवतार नगर थाना क्षेत्र के फुलवरिया टोले के समीप मंगलवार की दोपहर 12 बजे एक सड़क दुर्घटना में अनियंत्रित बोलेरो द्वारा एक बाइक को ठोकर मार दिये जाने से बाइक पर सवार दो युवकों में एक की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी, जबकि दूसरे को बेहतर इलाज के लिए छपरा भेजा गया.
मृतक की पहचान अवतार नगर थाना क्षेत्र के धनौरा कोठिया निवासी श्रीराम सिंह के 26 वर्षीय पुत्र व आर्मी में कार्यरत जवान कुणाल सिंह के रूप में की गयी है.
जबकि घायल युवक धनौरा के सत्येंद्र उपाध्याय का पुत्र चंद्रकांत उपाध्याय (25 वर्ष) बताया जाता है. घटना के बाद ग्रामीणों ने लगभग तीन घंटे तक छपरा-पटना मार्ग पर वाहनों का परिचालन अवरुद्ध रखा. मिली जानकारी के मुताबिक, धनौरा निवासी श्रीराम सिंह का पुत्र कुणाल अपने मित्र चंद्रकांत के साथ अपाची बाइक पर सवार होकर दिघवारा से अपने घर की तरफ लौट रहा था. इसी बीच छपरा से दिघवारा की ओर जा रही एक अनियंत्रित बोलेरो ने बाइक में ठोकर मार दी, जिससे कुणाल की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी.
वहीं, ग्रामीणों की पहल पर चंद्रकांत को सदर अस्पताल, छपरा भेजा गया. इधर, घटना की सूचना मिलने पर परिजन घटनास्थल पर पहुंचे एवं शव से लिपट कर चीत्कार मार कर रोने लगे, जिससे माहौल गमगीन हो गया. उधर, ग्रामीणों ने उग्र होकर छपरा-पटना मार्ग को दोपहर 12 बजे जाम कर दिया.
बाद में अवतार नगर थानाध्यक्ष गौतम तिवारी व डोरीगंज थानाध्यक्ष राजरूप राय ने आक्रोशित लोगों को घंटों समझाया एवं हर संभव उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, तब जाकर दिन के तीन बजे जाम टूट सका. उधर दिघवारा पुलिस ने बोलेरो को जब्त करते हुए उसके चालक व महुआ थाना क्षेत्र के बिरना टोला निवासी भोला चौधरी को हिरासत में ले लिया. मृतक के मामा रामाकांत सिंह के बयान पर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है.
दिघवारा : किस्मत के आगे किसी की एक नहीं चलती है और ईश्वर की होनी को कोई टाल नहीं सकता है. होता है वही,जो किस्मत में लिखा होता है. मंगलवार को भी यही बात चरितार्थ होती दिखी.
जब अवतार नगर थाना क्षेत्र के धनौरा कोठिया निवासी श्रीराम सिंह का सबसे बड़ा पुत्र व जोधपुर में आर्मी के जवान के पद पर कार्यरत कुणाल सिंह बदकिस्मती का शिकार हो गया. एक सड़क दुर्घटना ने न केवल एक परिवार से उसका बेटा छीना बल्कि एक पत्नी विधवा हो गयी और एक बेटे के सिर से उसके पिता का साया उठ गया. किसे पता था कि बहन की शादी में छुट्टी लेकर घर पहुंचा यह जवान फिर अपनी नौकरी पर नहीं लौट सकेगा.
ग्रामीणों के अनुसार, तीन भाइयों में सबसे बड़ा कुणाल व्यवहार कुशल युवक था एवं सेना का यह जवान अपनी बहन की शादी में शामिल होने घर आया था. 14 मई को उसकी एकमात्र बहन दीपू की शादी बड़ी धूमधाम से हुई थी एवं 29 मई को कुणाल को छुट्टी बिता कर ड्यूटी पर लौटना था. मगर मंगलवार की एक सड़क दुर्घटना ने उसकी जिंदगी ही छीन ली.
घरवारों का रोते-रोते बुरा हाल था. ऐसा लग रहा था मानो परिवार पर विपत्तियों का पहाड़ टूट पड़ा हो. हर किसी के चेहरे पर युवा कुणाल के खोने का दर्द दिखा. घटना के बाद घटनास्थल पर पहुंचे पिता श्री राम सिंह, मामा रामाकांत सिंह, भाई करण व देवा शव से लिपट कर दहाड़ मार कर रो रहे थे. कुणाल के कई दोस्तों की आंखें नम थी.
तीन वर्ष पूर्व हुई थी शादी :उधर, घर पर मां माला देवी व पत्नी पुतुल देवी का भी रोते-रोते बुरा हाल था. परिजनों ने बताया कि लगभग तीन वर्ष पूर्व शाहपुर सोनपुर में कुणाल की शादी हुई थी एवं उसे एक वर्ष का एक बेटा भी है.
हर किसी की जुबान पर इसी बात की चर्चा थी कि इस घटना के पीछे आखिर अबोध बालक की कौन-सी बदकिस्मती थी. कुछ दिनों पूर्व जिस घर में विवाह की तैयारियां थी, उत्सवी माहौल था, परिजन खुश थे, उसी घर में मंगलवार को स्थिति उलटी थी.
खुशी की जगह मातम का माहौल था. हंसने की जगह परिजन विलाप कर रहे थे एवं हर जगह क्रंदन-सा माहौल था. ढाढ़स देने पहुंचनेवाले ग्रामीणों की आंखें भी नम हो जा रही थीं. देर शाम तक परिजन पोस्टमार्टम होने के बाद शव लौटने का इंतजार कर रहे थे.
