मेटालाजिर्कल जांच रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है पुलिस

छपरा (सारण) : राजधानी एक्सप्रेस हादसे को करीब 11 माह बीत चुके हैं. लेकिन इस चर्चित रेल दुर्घटना मामले में स्थानीय पुलिस ने जांच की रिपोर्ट नहीं सौंपी है. 25 जून, 2014 को छपरा-सोनपुर रेलखंड पर छपरा कचहरी व गोल्डेनगंज स्टेशनों के बीच हुई रेल दुर्घटना की प्राथमिकी मुफस्सिल थाने में दर्ज है. रात में […]

छपरा (सारण) : राजधानी एक्सप्रेस हादसे को करीब 11 माह बीत चुके हैं. लेकिन इस चर्चित रेल दुर्घटना मामले में स्थानीय पुलिस ने जांच की रिपोर्ट नहीं सौंपी है. 25 जून, 2014 को छपरा-सोनपुर रेलखंड पर छपरा कचहरी व गोल्डेनगंज स्टेशनों के बीच हुई रेल दुर्घटना की प्राथमिकी मुफस्सिल थाने में दर्ज है.
रात में करीब दो बज कर आठ मिनट पर राजधानी एक्सप्रेस के इंजन समेत 12 डिब्बे पटरी से उतर गये थे, जिसमें पांच यात्रियों की मौत हो गयी थी और करीब दो दर्जन यात्री गंभीर रूप से घायल हो गये थे.इस रेल हादसे ने न केवल रेल प्रशासन, बल्कि जिला प्रशासन को झकझोर कर रख दिया था.
नहीं मिली मेटालाजिर्कल जांच रिपोर्ट : घटना के 11 माह बाद भी मेटालाजिर्कल जांच रिपोर्ट नहीं आयीहै. राजधानी हादसे के बाद पुलिस ने टूटी हुई रेल पटरियों को जमशेदपुर स्थित नेशनल मेटालाजिर्कल लैब में जांच के लिए भेजी है. इस जांच से यह पता चल सकेगा कि पटरी किन कारणों से टूटी. दरअसल जब रेल ट्रैक पर विस्फोट नहीं हुआ, तो इसके कारणों को ज्ञात करने का सबसे कारगर जांच मेटालाजिर्कल जांच ही है, जिसका लैब जमशेदपुर में है.
सीआरएस कर चुके हैं जांच : राजधानी हादसे की जांच मुख्य संरक्षा आयुक्त कर चुके हैं. मुख्य संरक्षा आयुक्त ने जांच रिपोर्ट भी सौंप दी है. लेकिन इस मामले में दुर्घटना के लिए कौन जिम्मेवार है और दुर्घटना का क्या कारण था. इसका खुलासा रेल प्रशासन के द्वारा नहीं किया गया है. मजे की बात यह है कि दुर्घटना के जिम्मेवार रेलकर्मी के खिलाफ अबतक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. इस वजह से लोगों में इसको लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है.

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